Fri. Mar 20th, 2026

खाड़ी में जंग जारी, खराब होते हालात के बीच DGCA ने जारी की एडवाइजरी, कहा- 11 देशों में उड़ान भरने से बचें

CG News Flight:

DGCA की ओर से खासतौर से यह निर्देश भी दिया गया है कि वे सऊदी अरब और ओमान के हवाई क्षेत्र के अंदर FL320 से नीचे उड़ान न भरें. आगे यह भी कहा गया है कि जिन जगहों पर परिचालन की अनुमति दी गई है, वहां एयरलाइंस कंपनी को मजबूत निगरानी प्रणालियां लागू करनी चाहिए.

 

मध्य पूर्व क्षेत्र में ईरान और इजराइल के बीच जंग लगातार भड़कती जा रही है. दोनों ओर से ताबड़तोड़ हमले अभी भी जारी है. पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने गुरुवार को एयरलाइंस कंपनियों को 11 हवाई क्षेत्रों से बचने की सलाह दी है. मध्य पूर्व और फारस की खाड़ी क्षेत्रों में मौजूद जोखिमों का हवाला देते हुए, DGCA का कहना है कि यह एडवाइज़री 28 मार्च तक के लिए मान्य रहेगी.

एडवाइज़री के अनुसार, ईरान के ऊपर हाल ही में हुए अमेरिकी और इजरायली के साझा सैन्य हमलों ने नागरिक उड्डयन के लिए एक हाई रिस्क जैसा माहौल बना दिया है, और तेहरान के जवाबी पटलवार की वजह से क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र के खासा प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है.

ऐसे में कई तरह के खतरों की भी चेतावनी दी गई है, जिसमें अमेरिकी और इजरायली संपत्तियों पर संभावित हमले भी शामिल हैं, जो न केवल ईरानी हवाई क्षेत्र को, बल्कि कई अन्य पड़ोसी देशों को भी प्रभावित कर सकते हैं. DGCA ने खाड़ी में चल रहे सैन्य अभियानों से बढ़ते जोखिमों पर ध्यान दिलाया और परिचालन संबंधी कई त्रुटियों की संभावना को भी रेखांकित किया.

हाई रिस्क वाले 11 एयरस्पेस

एडवाइज़री में कहा गया है कि हाई रिस्क वाले क्षेत्र में कई फ्लाइट इन्फॉर्मेशन रीजन्स (FIRs) के तहत सभी ऊंचाइयां और फ़्लाइट स्तर शामिल हैं. खासे रिस्क वाले देश हैं, ईरान, इजरायल, लेबनान, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान, इराक, जॉर्डन, UAE, कतर और कुवैत. अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप, DGCA ने सभी भारतीय विमानन कंपनियों को सलाह दी कि वे प्रभावित हवाई क्षेत्र के भीतर सभी ऊंचाइयों और फ्लाइट लेवल पर उड़ान भरने से बचें, सिवाय कुछ विशेष परिस्थितियों के.

DGCA की ओर से खासतौर से यह निर्देश भी दिया गया है कि वे सऊदी अरब और ओमान के हवाई क्षेत्र के अंदर FL320 से नीचे उड़ान न भरें. आगे यह भी कहा गया है कि जिन जगहों पर परिचालन की अनुमति दी गई है, वहां एयरलाइंस कंपनी को मजबूत निगरानी प्रणालियां लागू करनी चाहिए.

आकस्मिक योजना की आवश्यकता

साथ ही DGCA ने अपनी एडवाइजरी में प्रभावित क्षेत्र के हवाई अड्डों के लिए उड़ान हेतु आकस्मिक योजना की जरूरत पर भी जोर दिया, खासतौर से उन जगहों पर जहां अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अभी भी उड़ान भर रही हैं. “प्रभावित देशों और वहां के अधिकारियों द्वारा जारी किए गए सभी अपडेटेड एयरोनॉटिकल इंफॉर्मेशन पब्लिकेशनंस (AIPs) और NOTAMs की बारीकी से निगरानी करनी होगी.”

इन 11 प्रभावित हवाई क्षेत्रों के साथ-साथ, एडवाइज़री में यह भी बताया गया है कि सीरिया और यमन के हवाई क्षेत्र के संबंध में जारी पिछली एडवाइज़री भी पूरी तरह से प्रभावी रहेंगी. यह एडवाइज़री अगले हफ्ते 28 मार्च तक मान्य रहेगी. फिर इसे लागू करने या खत्म करने को लेकर समीक्षा की जाएगी.

About The Author