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CWC Meeting: SIR पर कांग्रेस की बैठक में बड़ा मंथन, खरगे ने CEC पर उठाए सवाल; आयोग का भी जवाब

CWC Meeting

नई दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक के दौरान चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा प्रमुख रहा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विवाद और आगे की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

SIR को लेकर कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूचियों में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता की कमी है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR से संबंधित आदेश निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी किए गए और आयोग के फैसलों को तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी प्राप्त थी।

खरगे ने CWC में क्या कहा?

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूचियों में बदलाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है।

खरगे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने SIR के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। ये कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर चुनाव आयोग ने अलग पक्ष रखा है।

CEC ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस का हमला

कांग्रेस की बैठक ऐसे समय हुई है जब चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े कुछ मुद्दों पर कथित असहमति की रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले कुछ महीनों में SIR और मतदाता सूची से संबंधित कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं।

इसी मुद्दे को कांग्रेस ने चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाने के आधार के तौर पर इस्तेमाल किया है। पार्टी की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार के पद से हटने की मांग भी सामने आई है।

SIR को लेकर क्या है विवाद?

Special Intensive Revision यानी SIR का उद्देश्य मतदाता सूची की समीक्षा और उसे अपडेट करना है। इसी प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और दस्तावेजों से संबंधित नियमों को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ है।

कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। पार्टी मतदाता सूची में किए गए बदलावों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक करने और प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग कर रही है।

चुनाव आयोग ने आरोपों पर क्या कहा?

चुनाव आयोग ने SIR को लेकर सामने आई आपत्तियों पर कहा है कि संस्थागत चर्चा में अलग-अलग सुझाव या राय आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग के अनुसार SIR से संबंधित आदेश कानूनी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी किए गए हैं।

आयोग ने यह भी कहा है कि SIR से जुड़े आदेशों को तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी प्राप्त थी। यानी कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों के बीच चुनाव आयोग अपने निर्णयों की वैधता और प्रक्रिया का बचाव कर रहा है।

Form 6 का मुद्दा भी चर्चा में

SIR विवाद में नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 का मुद्दा भी सामने आया है। कांग्रेस ने Form 6 में किए गए बदलावों को लेकर सवाल उठाए हैं।

चुनाव आयोग का कहना है कि मूल Form 6 में बदलाव नहीं किया गया है। आयोग ने SIR के तहत अतिरिक्त घोषणा संबंधी प्रावधान जोड़े जाने को प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।

कांग्रेस की आगे की रणनीति पर भी नजर

CWC की बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर पार्टी की आगे की रणनीति तय करना भी है। कांग्रेस CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी मांग को लेकर दबाव बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर संयुक्त रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, INDIA गठबंधन की बैठक भी 30 सितंबर को होने की संभावना है, जिसमें चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों पर साझा रुख पर चर्चा हो सकती है।

फिलहाल SIR को लेकर कांग्रेस के आरोप और चुनाव आयोग का पक्ष अलग-अलग हैं। आने वाले दिनों में मतदाता सूची में बदलाव, SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निर्णय प्रणाली से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने रह सकते हैं।

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