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वैशाली नाव हादसे के पीड़ितों से मिलेंगे चिराग पासवान, DM से फोन पर हुई बात

Chirag Paswan: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर दियारा में हुई दुखद नाव दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। गंगा नदी में तेरह बच्चों की डूबने से मौत हो गई। केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद चिराग पासवान ने सोशल मीडिया के माध्यम से गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वे आज स्वयं घटनास्थल का दौरा करेंगे। इन मौतों की खबर से प्रशासन भी सदमे में है।घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया, वहीं गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए तत्काल नजदीकी अस्पताल भेजा गया। प्रशासन युद्धस्तर पर चल रहे बचाव अभियान पर लगातार नजर रख रहा है। चिराग पासवान ने स्थिति का जायजा लेने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों से बात की और उन्हें शोक संतप्त परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया।

वैशाली के पीड़ितों से मिलने आएंगे चिराग पासवान

चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पर लिखा, मेरे संसदीय क्षेत्र के राघोपुर दियारा में नाव दुर्घटना में कई लोगों की मौत की खबर बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली है। फिलहाल, एसडीआरएफ की टीम राहत और बचाव अभियान चला रही है। घायलों को बेहतर इलाज के लिए एनएमसीएच भेजा गया है। मैंने इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट से बात की है और राहत और बचाव अभियान के बारे में जानकारी ली है। केंद्र और राज्य सरकार की माध्यम से पीड़ितों को कैसे ज्यादा से ज्यादा मदद मिल सके इसपर भी विस्तृत चर्चाएं हुई है। आज मैं स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात करूंगा तथा अस्पताल में भर्ती घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी लूंगा।’

इससे पहले, चिराग पासवान ने मंगलवार देर रात वैशाली हादसे पर दुख व्यक्त किया था। उन्होंने लिखा, “मेरे संसदीय क्षेत्र के राघोपुर दियारा में नाव दुर्घटना में कई लोगों की मौत की खबर बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली है। इस हादसे में मरने वालों में ज्यादातर मासूम बच्चे बताए जा रहे हैं। दुख की इस घड़ी में मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और पीड़ित परिवारों को इस असहनीय क्षति को सहने की शक्ति दें।” स्थानीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत एवं हरसंभव सहायता पहुंचाई जाए। घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए।’

राघोपुर में कैसे हुआ नाव हादसा?

दरअसल, मंगलवार रात को राघोपुर पुलिस थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद पंचायत के भक्तन टोला के पास गंगा की सहायक नदी में एक नाव पलटने से 13 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 12 बच्चे थे। ग्रामीण श्राद्ध भोज में शामिल होने के लिए वार्ड नंबर 8 स्थित एक अन्य गांव जा रहे थे। यह दुर्घटना रात करीब 9:30 बजे दियारा क्षेत्र के एक ढाब पर हुई, जो भक्तन टोला को दो भागों में बांटता है। कई लोगों और बच्चों के लापता होने की आशंका है। ग्रामीणों के अनुसार, सिंघेश्वर राय की बच्ची की मौत के बाद श्राद्ध का भोज खाने के लिए छोटी नाव पर सवार होकर बच्चों समेत 20 से 25 लोग ढाब के उस पार जा रहे थे। नाव जैसे ही ढाब के बीच में पहुंची डूब गई। ग्रामीणों के अनुसार नाव में छेद से पानी भर गया था।

नाव को डूबते देख, दूसरी तरफ खड़े कुछ लोग नदी में कूद गए और कुछ लोगों को बचाने के लिए तैरने लगे। जो तैरना जानते थे, वे खुद ही बाहर निकल आए। ग्रामीणों की मदद से डूब रहे लोगों को बचाया गया। सभी को राघोपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने 13 लोगों को मृत घोषित कर दिया। पीएचसी में, ग्रामीणों ने देर रात स्थानीय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इधर, डीएम वर्षा सिंह के मुताबिक, सात लोगों को रेस्क्यू कर पटना रेफर किया गया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राच चौधरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे को बेहद दुखद बताया और मृतकों के परिवारों को सहायता राशि का ऐलान किया। (एजेंसी)

 

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