छत्तीसगढ़ बजट 2026: कृषक उन्नति योजना हेतु 10,000 करोड़ और किसानों-मजदूरों के लिए बड़ी सौगात
छत्तीसगढ़ बजट 2026: किसानों और ग्रामीणों के लिए ‘खुशहाली का पिटारा’, कृषक उन्नति योजना हेतु 10,000 करोड़ का प्रावधान
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने तीसरे बजट में किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विकास के केंद्र में रखा है। बजट 2026-27 में जहाँ ‘कृषक उन्नति योजना’ के लिए भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है, वहीं भूमिहीन मजदूरों और पशुपालकों के लिए भी बड़ी घोषणाएं की गई हैं।
खेती-किसानी: धान और गन्ने पर विशेष फोकस
सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के संकल्प के साथ कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा:
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कृषि पंपों के लिए सौर ऊर्जा और बिजली: किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कृषि पंपों के लिए 5,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
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गन्ना किसानों को प्रोत्साहन: गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए बजट में 96 करोड़ रुपये की विशेष व्यवस्था की गई है।
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आलू उत्पादन: पठार क्षेत्रों (मैनपाट, जशपुर आदि) में आलू के बंपर उत्पादन और भंडारण की सुविधाओं के लिए विशेष बजट प्रावधान किया गया है।
मजदूरों और पिछड़ा वर्ग के लिए सौगात
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले भूमिहीन मजदूरों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है:
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दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन मजदूर योजना: इस योजना के तहत 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
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शिक्षा और आवास: अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रावास बनाने की घोषणा की गई है। साथ ही, प्रवास आवासीय भवनों के निर्माण के लिए बजट में अलग से राशि रखी गई है।
मत्स्य पालन और डेयरी विकास
पशुपालकों और मत्स्य पालकों को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं:
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डेयरी समग्र विकास योजना: दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 90 करोड़ रुपये की योजना शुरू की जाएगी।
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पशुओं के लिए चारा: राज्य के गौठानों और पशुपालकों के लिए ‘हरा चारा’ सुनिश्चित करने हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
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प्रधानमंत्री मत्स्य योजना: मछली पालन को आधुनिक बनाने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
बजट की मुख्य झलकियां (टेबल)
| योजना/मद | आवंटित राशि |
| कृषक उन्नति योजना | 10,000 करोड़ |
| कृषि पंप (बिजली/सौर) | 5,500 करोड़ |
| भूमिहीन मजदूर कल्याण | 600 करोड़ |
| डेयरी विकास योजना | 90 करोड़ |
| गन्ना उत्पादन प्रोत्साहन | 96 करोड़ |

