Bemetara Blast: मलबे में मिले कई मजदूरों के शरीर के टुकड़े, 10 से ज्यादा लोग दबे
Bemetara Blast: धमाके से 4 मंजिला बिल्डिंग के गिरने से 10 से ज्यादा लोग मलबे में दब गए। मलबे में कई मजदूरों के बॉडी पार्ट्स मिले है।
बेमेतरा Bemetara Blast: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा धामके में रस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो गया है। धमाके से 4 मंजिला बिल्डिंग के गिरने से 10 से ज्यादा लोग मलबे में दब गए। मलबे में कई मजदूरों के बॉडी पार्ट्स मिले है। (Bemetara Factory Blast) शरीर के अलग-अलग टुकड़े मलबे में मिल रहे है। मजदूरों के शवों को ढूंढने सुबह से ही रस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो गया है। अपने परिजन को ढूंढने महिलाएं फैक्ट्री के बहार ही बैठ गई।
Bemetara Blast: 10 से ज्यादा मजदुर मलबे में दबे
बता दें कि, कल यानी (25 मई दिन – शनिवार) को बेमेतरा के बारूद फैक्ट्री में बड़ा ब्लास्ट हुआ था। ढाके में करीब 15 से 20 लोगों की मौत की आशंका है। (Bemetara Factory Blast) धमाके में अब तक 12 मजदूरों के शव बरामद किए गए है। वहीं धमाके के कंपन्न से 4 मंजिला ईमारत गिर गई जिसके मलबे में 10 से ज्यादा मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। रेकयू ऑपरेशन में मजदूरों के शरीर के अलग अलग हिस्से मिल रहे है। जहां ब्लास्ट हुआ वहां करीब 15-20 फीट का गड्ढा बन गया है।
15 से 20 लोगों की मौत
बेरला ब्लॉक के ग्राम बोरसी में स्थित स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड बारूद की फैक्ट्री है। फैक्ट्री में सुबह 8 बजे ब्लास्ट हुआ। इस धमाके में पहले 9 लोग मारे गए वहीं 7 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। (Bemetara Blast) घायलों में से एक की मौत हो गई वहीं 6 मजदूर खतरे से बाहर है। धमाके के कम्पन्न से फैक्ट्री की 4 मंजिला इमारत गिर गई।
जिसके मलबे में करीब 10 से ज्यादा लोग दब गए। आसपास आग बुझाने की कोई सुविधा न होने के कारण 4 घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। फायर ब्रिगेड के आग बुझाने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन कर मलबे को हटाया गया। देर शाम अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बंद करना पड़ा। (Bemetara Blast) सुबह होते ही फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो गया। इस दौरान कई मजदूरों के मलबे में शरीर के टुकड़े बिखरे पड़े मिले।
Bemetara Blast: धड़धड़ा कर गिर गई 4 मंजिला इमारत
हादसा इतना भयंकर था कि, फैक्ट्री में एक चार मंजिला इमारत धड़धड़ा कर गिर गई। सूत्रों के मुताबिक़, इमारत के मलबे के नीचे लोग दबे हुए है। (chhattisgarh blast) बताया जा रहा है कि बिल्डिंग में 8 से 10 लोग मौजूद थे। फैक्ट्री में करीब 500 से 600 लोग काम करने आते है। बारूद फैक्ट्री में आग लगने की आशंका ज्यादा होती है। लेकिन, फिर भी आसपास आग बुझाने की या फायर ब्रिगेड की कोई सुविधा नहीं है। ब्लास्ट से 4 मंजिला इमारत के गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया है।
इस वजह से हुआ बड़ा धमाका
बारूद फैक्ट्री में 4 एक्सप्लोसिव लिक्विड भरे टैंक थे। इसमें से एक टैंक ब्लास्ट हो गया। नष्ट हुई टंकी से कई घंटे तक ब्लास्ट हो रहा था जिसे ठंडा करने की कोशिश की जा रही थी। जिस वक्त आग लगी उस वक्त धमाके के पास करीब 9 -10 मजदुर मौजूद थे। धमाका होने से मजदूरों के चीथड़े उड़ गए।
वहीं दूसरी और चाकर मंजिला इमारत के गिरने से 10 से ज्यादा मजदूरों की मौत हो गई। बता दें कि मलबे में दबे मजदूरों की अब तक लाश नहीं मिली है। रेस्क्यू ऑपरेशन में कई मजदूरों के शवों के अलग-अलग हिस्सों में टुकड़े मिल रहे है। इस हाल में शवों के मिलने से इलाके के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।शवों के टुकड़ों में मिलने से परिजनों में सनसनी फैल गई है।
Bemetara Blast: मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा
मामले में छत्तीसगढ़ सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। विस्फोट दंडाधिकारी के जांच के आदेश दिए। वहीं मृतकों के परिजन को 5-5 लाख मुआवजा देने का एलान किया। वहीं घायलों को पचास हजार रुपए से आर्थिक सहायता देने का एलान किया है। बता दें कि, हादसे में घायल मजदूरों को रायपुर रेफर किया गया था। रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में घायलों को भर्ती लिया गया वहीं कई मजदूरों का रायपुर के अन्य निजी अस्पताल में इलाज जारी है।

