बलौदाबाजार में स्पंज प्लांट में ब्लास्ट, 6 लोगों की मौत, 10 से अधिक घायल
Baloda Bazar Steel Plant Blast:जिले के भाटापारा थाना क्षेत्र में स्थित एक स्पंज आयरन प्लांट में गुरुवार को ब्लास्ट हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक 6 …और पढ़ें
भाटापारा (बलौदाबाजार)। बलौदाबाजार जिले के भाटापारा क्षेत्र के बकुलाही गांव में स्थित एक निजी इस्पात स्पंज आयरन फैक्ट्री(Chhattisgarh Steel Plant Blast) में गुरुवार सुबह भीषण विस्फोट होने से कम से कम छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घटना की खबर मिलने पर क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विस्फोट इतना भयानक था कि आसपास काम कर रहे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मौके पर दमकल, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत पहुंच गए और घायलों को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और कुछ की हालत नाजुक है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस ने पूरे मामले में केस दर्ज कर आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री की तकनीकी खराबी या मशीनरी में दबाव वृद्धि को विस्फोट का संभावित कारण बताया जा रहा है। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और घायलों के बेहतर इलाज की भी बात कही है।
भाटापारा के ग्रामीणों और मजदूर संगठनों ने इस हादसे को सुरक्षा मानकों की उपेक्षा का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि कारखानों में सुरक्षा उपायों की कमी अनेक बार जानलेवा साबित हो चुकी है और इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
राहत कार्य जारी
पुलिस और राहत कर्मी अब भी बचाव कार्य में जुटे हैं और मृतकों की पहचान तथा विस्तृत राहत गतिविधियों के बारे में अपडेट जारी किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य ने गहरा शोक व्यक्त किया
इस दर्दनाक हादसे पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। क्लिनिकल फर्नेस के दौरान हुए विस्फोट में श्रमिकों के असामयिक निधन को अत्यंत दुःखद बताते हुए उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिवारजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हादसे में गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को बेहतर उपचार हेतु सिम्स, बिलासपुर में भर्ती कराया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घायलों को हर संभव उत्तम एवं त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहे।

