बस्तर 2.0 की शुरुआत: मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री मोदी को बस्तर विकास ब्लूप्रिंट सौंपा। नक्सलमुक्त क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार बढ़ाने की योजनाएं, मानसून बाद दौरे का निमंत्रण दिया।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के भविष्य का एक व्यापक और दूरदर्शी विकास खाका प्रस्तुत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में स्थापित शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया और बस्तर के समग्र विकास के लिए तैयार ब्लूप्रिंट सौंपा।
नक्सलवाद खत्म, विकास की नई शुरुआत
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर सहित पूरे क्षेत्र में नक्सलवाद का प्रभाव समाप्त हो चुका है और अब शांति का माहौल है। वर्षों तक हिंसा से जूझने वाला यह इलाका अब विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। लोगों में भय की जगह उम्मीद और भरोसा बढ़ा है, जो आने वाले समय में क्षेत्र के तेज विकास का आधार बनेगा
शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे को मिलेगा मजबूती
ब्लूप्रिंट में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है। बस्तर में एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में परिवर्तित किया जाएगा। इसके साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल की व्यवस्था की जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी।
कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
बस्तर में सड़कों, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 228 नई सड़कों और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन और जगदलपुर एयरपोर्ट विस्तार जैसी परियोजनाएं क्षेत्र को देश के अन्य हिस्सों से बेहतर जोड़ेंगी।
ऊर्जा, खेल और युवाओं के लिए नई योजनाएं
हर घर तक बिजली पहुंचाने के प्रयास तेज किए जाएंगे। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और दो मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे। कौशल विकास के तहत एक लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिला है।
कृषि और सिंचाई को मिलेगा बढ़ावा
इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार में दो बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आय बढ़ाने और रोजगार सृजन की योजना
सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसके तहत 2029 तक 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना का विस्तार कर अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचे।
पर्यटन को मिलेगा वैश्विक पहचान का आयाम
बस्तर के पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत कर रहे हैं।
‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम से सीधे लाभ
‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही दिया जाएगा। दस्तावेज बनाने से लेकर समस्याओं के समाधान तक की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी, जिससे प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम होगी।
प्रधानमंत्री दौरे से मिलेगी गति
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान कई अहम परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया जाएगा। इनमें रेल लाइन, एयरपोर्ट विस्तार, मेडिकल कॉलेज और एजुकेशन सिटी जैसी योजनाएं शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा बस्तर के विकास को नई गति देने में निर्णायक साबित हो सकता है।

