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असम को मिल सकता है बड़ा तोहफा, मोदी कैबिनेट देगी 40 हजार करोड़ की सौगात!

मोदी सरकार चुनावी राज्य असम को ₹40,000 करोड़ से अधिक की इंफ्रा परियोजनाओं का तोहफा दे रही है. इनमें ₹19,000 करोड़ की ब्रह्मपुत्र सड़क-सह-रेल सुरंग प्रमुख है, जो गोहपुर को नुमालीगढ़ से जोड़ेगी.इसका फैसला साउथ ब्लॉक में आज होने वाली आखिरी कैबिनेट बैठक में लिया जा सकता है.

 

असम में इस साल चुनाव होने वाले हैं. चुनावी साल होने के कारण सभी राजनीतिक दलों का फोकस असम पर बना हुआ है. केंद्र सरकार भी असम को लेकर लगातार कई तरह की घोषणाएं कर रही हैं. इसी कड़ी में मोदी सरकार चुनावी राज्य असम को ₹40,000 करोड़ से अधिक की इंफ्रा परियोजनाओं का तोहफा देने जा रही है.

मोदी सरकार के इस तोहफे में ₹19,000 करोड़ की ब्रह्मपुत्र सड़क-सह-रेल सुरंग प्रमुख है, जो गोहपुर को नुमालीगढ़ से जोड़ेगी. यह परियोजना यात्रा समय को 6.5 घंटे से घटाकर 30 मिनट कर देगी और पूर्वोत्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी व सामरिक सुरक्षा को मजबूत करेगी.

साउथ ब्लॉक की आखिरी बैठक में हो सकता है फैसला

आज साउथ ब्लॉक में कैबिनेट की आखिरी बैठक होने जा रही है. इसमे इंफ्रा से जुड़े कुछ बड़े फैसलों की संभावना जताई जा रही है. पीएम मोदी के कल के असम दौरे से पहले कैबिनेट से मंजूरी सकती हैं. 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मिल सकती है.

इनमें सबसे प्रमुख परियोजना चुनावी राज्य असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे प्रस्तावित लगभग 19 हजार करोड़ रुपये की सड़क-cum-रेल सुरंग है. इस परियोजना को क्षेत्रीय संपर्क और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

ब्रह्मपुत्र के नीचे बनाई जाएगी सुरंग

सूत्रों के अनुसार, यह सुरंग ब्रह्मपुत्र के नीचे बनाई जाएगी. यह असम के गोहपुर को नुमालीगढ़ से जोड़ेगी. परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतर-मंत्रालयी समिति पहले ही स्वीकृति दे चुकी है. प्रस्तावित सुरंग ट्विन-ट्यूब संरचना में होगी, जिसमें एक ट्यूब सड़क यातायात के लिए तथा दूसरी रेल परिचालन के लिए उपयोग की जाएगी.

इसके पूरा होने पर दोनों स्थानों के बीच यात्रा समय लगभग साढ़े छह घंटे से घटकर करीब 30 मिनट रह जाने का अनुमान है. यह परियोजना न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नया आयाम देगी. इससे अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर जैसे राज्यों के साथ संपर्क और मजबूत होगा.रक्षा और आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से भी यह सुरंग रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है.

आज कैबिनेट बैठक में सड़क और रेलवे क्षेत्र की अन्य परियोजनाओं पर भी निर्णय लिया जा सकता है. कुल लागत 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक है.

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