NEET Paper Leak मामले में लिया जा रहा एक्शन, NTA लेगा बड़ा फैसला
NEET Paper Leak : नीट पेपर लीक मामले में ताबड़तोड़ एक्शन लिया जा रहा है। इस मामले में NTA एक बड़ा फैसला ले सकता है।
NEET Paper Leak : पटना : नीट पेपर लीक मामले में पटना पुलिस की टीम ने देवघर जिले के देवीपुर थाना क्षेत्र के एम्स के सामने एक किराए के मकान से छापेमारी कर छ आरोपियों को हिरासत में लिया है। हालांकि रेड करने आई पटना पुलिस ने देवघर पुलिस को बताया था कि ये सभी साइबर ठगी के आरोपी है। पुलिस ने सभी आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि रेड करने आई पटना पुलिस ने देवघर पुलिस को बताया था कि ये सभी साइबर ठगी के आरोपी है। देवघर पुलिस को शनिवार को इस बात का पता चला कि वे सभी असल में नीट पेपर लीक मामले में पकड़े गए हैं।
आरोपियों में ये है शामिल
सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए युवकों में चिंटू कुमार उर्फ सिंटू, प्रशांत कुमार, पंकु कुमार, परमजीत सिंह, बालदेव सिंह व काजू कुमार शामिल हैं। इन सभी को पटना पुलिस अपने साथ चुपके से ले गई है। पकड़े गए सभी लोग बिहार के नालंदा के रहने वाले बताए जाते हैं।
पुलिस ने जांच में ये पाया
प्राप्त जानकारी के मुताबिक ये सभी देवघर के झुन्नू सिंह के घर में मकान में किराए पर रह रहे थे। पकड़े गए युवकों में से एक गार्ड है और वर्तमान में एम्स में कार्यरत है। वह भी नालंदा का ही रहने वाला था और इन लोगों से पूर्व परिचित था। उस ने इन लोगों को किराए पर मकान दिलाया था। वे लोग यहां मजदूर बनकर रह रहे थे। चूंकि देवघर पुलिस को पटना पुलिस ने बताया कि ये लोग साइबर ठग है। इस कारण यहां की पुलिस भी मामले में बहुत ज्यादा सक्रिय नहीं हुई। हालांकि जब पता चला कि ये सभी नीट पेपर घोटाला में शामिल हैं तो सभी का होश उड़ गया। हालांकि, इस बारे में स्थानीय कोई भी पुलिस अधिकारी कुछ भी नहीं बता रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर NTA को पेपर लीक मामले में जो भी प्रमाण चाहिए हैं, वह लेकर आर्थिक अपराध इकाई बिहार के प्रमुख नैय्यर हसनैन खान दिल्ली में हैं। वह उस बुकलेट का प्रमाण लेकर गए हैं, जिसके प्रश्नों के उत्तर रटकर बिहार में कई परीक्षार्थियों ने पेपर दिए थे। नीट पेपर लीक केस में बिहार पुलिस की टीम अब मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है। पुलिस का दावा है कि सिपाही भर्ती, शिक्षक भर्ती और नीट पेपर लीक केस के तार आपस में जुड़े हैं। जांच एजेंसी ने अब तक की कार्रवाई के बारे में एनटीए और शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को पूरे केस की जानकारी दी।

