Sun. Jan 4th, 2026

अभिषेक बनर्जी ने शुरू की राज्य की यात्रा, चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में फूंकेंगे जान

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने 2026 विधानसभा चुनावों से पहले अपनी ‘अबार जितबे बांग्ला’ यात्रा शुरू की है. यह अभियान लोगों तक पहुंचने, पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने और ममता सरकार की उपलब्धियों को उजागर करने के लिए है. एक महीने तक चलने वाली इस यात्रा में रोड शो और जनसभाएं शामिल होंगी.

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले पूरे राज्य की यात्रा शुरू की. ‘अबार जितबे बांग्ला’ (बंगाल फिर जीतेगा) के नारे के साथ अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को दक्षिण 24 परगना के बरुईपुर से यात्रा शुरू की. वह अगले एक महीने तक राज्य के विभिन्न इलाकों में मीटिंग और रोड शो करेंगे.

टीएमसी सुप्रीमो और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को टीएमसी का सेकंड-इन-कमांड माना जाता है. अगले एक महीने तक वह अपनी ‘अबार जितबे बांग्ला’ (बंगाल फिर जीतेगा) यात्रा के लिए पूरे बंगाल में घूमेंगे, और पूरे राज्य में रोड शो, पब्लिक मीटिंग और कम्युनिटी से बातचीत करेंगे.

यात्रा के दौरान करेंगे रोड शो और मीटिंग

टीएमसी के मुताबिक, अपनी यात्रा के दौरान अभिषेक बनर्जी तीन बार की ममता सरकार की अलग-अलग मोर्चों पर “कामयाबियों” को बताएंगे. खासकर उनकी कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ “बंगाल की संस्कृति, भाषा और पहचान को बनाए रखने में उनकी भूमिका” के बारे में भी बताएंगे.

अभिषेक बनर्जी की यात्रा पार्टी के नारे, “जोतोई कोरो हमला, अबार जितबे बांग्ला” (चाहे जितना भी हमला करो, बंगाल फिर जीतेगा) पर फोकस होगी.

टीएमसी सूत्रों ने कहा कि अपने दौरे के दौरान अभिषेक बनर्जी लोगों के साथ-साथ पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं से मौजूदा विधायकों या दूसरे स्थानीय नेताओं के बारे में फीडबैक भी लेंगे ताकि मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए “पार्टी टिकट के लिए उनकी एलिजिबिलिटी तय की जा सके.”

पंचायत और लोकसभा चुनाव से पहले भी की थी यात्रा

शुक्रवार को अभिषेक बनर्जी ने बरुईपुर से यात्रा की शुरुआत की है और चुनाव आयोग के SIR पर सवाल उठाया और बीजेपी पर हमला बोला है. शनिवार को अभिषेक बनर्जी की सभा अलीपुरद्वार में प्रस्तावित है.

सितंबर 2023 के पंचायत चुनावों से पहले, अभिषेक ने उस साल फरवरी-मार्च में ‘नबो जोर यात्रा’ (न्यू वेव यात्रा) नाम की एक राज्यव्यापी यात्रा की थी, जिससे ग्रामीण चुनावों में पार्टी उम्मीदवारों का चुनाव भी हुआ था. टीएमसी ने न केवल उन चुनावों में जीत हासिल की थी, बल्कि राज्य में 2024 के लोकसभा चुनावों में भी भारी जीत दर्ज की थी.

फाइनल होंगे उम्मीदवारों के टिकट?

टीएमसी सूत्रों ने कहा कि लोकसभा चुनावों में भी, कई उम्मीदवारों को अभिषेक बनर्जी ने खुद चुना था. राज्य में टीएमसी के सबसे मुखर विरोधी नेताओं में से एक, तत्कालीन राज्य कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी के खिलाफ पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान को मैदान में उतारना अभिषेक बनर्जी की पसंद थी. अभिषेक बनर्जी ने कूच बिहार से जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया को भी चुना, जिन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक को हराया था.

उन्होंने कांथी, झारग्राम और मथुरापुर से क्रमशः उत्तम बारिक, कालीपद सोरेन और बापी हलदर जैसे अनजान चेहरों को भी चुना. इनमें से सिर्फ उत्तम बारिक कांथी से हारे, जबकि सोरेन और हलदर दोनों जीते. उन्होंने मिताली बाग को भी चुना, जिन्होंने आरामबाग से जीतकर सबको चौंका दिया, जिसे टीएमसी के अंदर के लोगों ने भी चुनाव से पहले जीतने वाली सीट नहीं माना था.

2021 चुनाव में जीत के बाद बनाए गये थे राष्ट्रीय महासचिव

अभिषेक बनर्जी ने 2021 के विधानसभा चुनाव पहले पार्टी के लिए प्रचार शुरू किया था. विधानसभा चुनाव में जीतकर हैट्रिक बनाने के बाद उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया.

अगले साल गोवा, मेघालय और त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में टीएमसी को हालांकि हार मिली. पार्टी में उनके और उसके पुराने नेताओं के बीच खींचतान भी देखी गई. हालांकि, डायमंड हार्बर के सांसद ने अपनी नबो जोर यात्रा करने के बाद अपनी जगह पक्की कर ली. फिलहाल वो पार्टी में ममता बनर्जी के दूसरे नंबर के नेता हैं.

सूत्रों के अनुसार ममता बनर्जी आने वाले विधानसभा चुनावों में TMC को उसके मैस्कॉट के तौर पर लीड करेंगी, वहीं अभिषेक बनर्जी पार्टी के चुनाव कैंपेन में अहम भूमिका निभाने वाले हैं.

SIR, चुनाव आयोग और भाजपा पर हमला

इससे पहले अभिषेक बनर्जी ने बंगाल में चल रही SIR एक्सरसाइज पर अपनी चिंताएं बताने के लिए चुनाव आयोग से मिलने के लिए टीएमसी के एक डेलीगेशन को लीड किया, जिसके बाद उन्होंने चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा और उनकी मुख्य चुनाव आयुक्त से तीखी बहस भी हुई थी.

दूसरी ओर, अभिषेक बनर्जी की “अबार जितबे बांग्ला” यात्रा पर, पूर्व राज्य BJP प्रमुख राहुल सिन्हा ने कहा, “लोग अब टीएमसी के साथ उनके घमंड की वजह से नहीं हैं. SIR पर टीएमसी के लगातार हमले यह साबित करते हैं कि वह वोटर लिस्ट में कैसे हेरफेर करने की कोशिश कर रही है. अभिषेक बनर्जी या टीएमसी रोड शो, रैली या जो चाहें कर सकते हैं, लेकिन इससे बंगाल का मौजूदा राजनीतिक माहौल नहीं बदलेगा, लोग उन्हें हराने जा रहे हैं.”

अभिषेक बनर्जी की यात्रा को खारिज करते हुए माकपा के केंद्रीय कमेटी के सदस्य समिक लाहिड़ी ने कहा, “यह एक फाइव-स्टार यात्रा है. इस यात्रा का आम लोगों से कोई लेना-देना नहीं है.”

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