Gold Price Update: रिकॉर्ड भाव से ₹38,600 से ज्यादा फिसला सोना, आखिर क्यों लगातार गिर रहे दाम?
Gold Price Today: सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट ने निवेशकों से लेकर दिवाली पर गहने खरीदने की योजना बना रहे लोगों तक का ध्यान खींचा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का वायदा भाव अपने रिकॉर्ड स्तर से 38,600 रुपये से ज्यादा नीचे आ गया है। 29 जनवरी 2026 को सोने ने 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भाव घटकर 1,42,024 रुपये पर पहुंच गया। अब सबसे बड़ा सवाल है कि सोने की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई और दिवाली 2026 तक बाजार का रुख कैसा रह सकता है?
सोने की कीमतों पर क्यों बढ़ा दबाव?
सोने के भाव में गिरावट के पीछे केवल एक कारण नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलाव, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और निवेशकों की मुनाफावसूली ने कीमतों को प्रभावित किया है। रिकॉर्ड तेजी के बाद बाजार में बिकवाली बढ़ने से भी सोने की चमक फीकी पड़ी है।
मुनाफावसूली ने बदला बाजार का रुख
जब किसी निवेश की कीमत तेजी से बढ़ती है, तो निवेशक मुनाफा सुरक्षित करने के लिए उसे बेच सकते हैं। सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद कुछ निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया। इससे सोने के भाव में गिरावट देखने को मिली।
डॉलर की मजबूती बनी चुनौती
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों का डॉलर से गहरा संबंध है। अमेरिकी डॉलर मजबूत होने पर दूसरी मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में मांग प्रभावित होने की आशंका रहती है, जिसका असर सोने की कीमतों पर पड़ सकता है।
ब्याज दरों को लेकर बदली उम्मीदें
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई की चिंताओं ने अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को प्रभावित किया है। यदि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो निवेशकों को ब्याज देने वाले विकल्प आकर्षक लग सकते हैं। इससे सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ने की संभावना रहती है।
ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव
अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी और वैश्विक वित्तीय बाजारों में हलचल के बीच कुछ निवेशकों ने दूसरी संपत्तियों में भी बिकवाली की। इस घटनाक्रम का असर सोने पर भी पड़ा और कीमतों में गिरावट का दबाव बढ़ा।
सोना अपने रिकॉर्ड भाव से 21% से ज्यादा नीचे
MCX पर 29 जनवरी 2026 को सोने का वायदा भाव 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था। शुक्रवार के कारोबारी सत्र में यह घटकर 1,42,024 रुपये रह गया।
दोनों भावों की तुलना करें तो सोना 38,755 रुपये प्रति 10 ग्राम नीचे आ चुका है। प्रतिशत के लिहाज से यह गिरावट करीब 21.43 फीसदी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, एक सप्ताह के दौरान सोना करीब 4 फीसदी गिरा और इसका भाव 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे चला गया। चांदी की कीमतों में भी दबाव देखने को मिला।
दिवाली 2026 से पहले सोने के भाव का क्या होगा?
सोने की कीमतों में आगे तेजी आएगी या गिरावट जारी रहेगी, यह बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, MCX पर 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर सोने के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट है।
उनके अनुमान के अनुसार, अगर सोने का भाव 1,40,000 रुपये के ऊपर बना रहता है, तो इसमें रिकवरी आ सकती है और कीमत 1,48,000 से 1,52,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है।
वहीं, अगर भाव 1,40,000 रुपये के नीचे चला जाता है, तो सोना 1,36,000 से 1,38,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक फिसल सकता है।
ये संभावित बाजार स्तर हैं, न कि कीमतों की निश्चित भविष्यवाणी। दिवाली तक सोने का भाव वैश्विक बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों और निवेशकों की खरीद-बिक्री से प्रभावित हो सकता है।
क्या सोना खरीदने वालों को अभी राहत मिलेगी?
सोने की कीमतों में गिरावट से दिवाली पर गहने खरीदने की योजना बना रहे लोगों को राहत की उम्मीद हो सकती है। हालांकि, MCX का वायदा भाव और ज्वेलरी दुकानों पर सोने का खुदरा भाव अलग-अलग हो सकता है। गहनों की कीमत में शुद्धता, मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स भी शामिल होते हैं।
इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार के ताजा भाव की तुलना करना जरूरी है। वहीं, निवेशकों को केवल हालिया गिरावट देखकर फैसला करने के बजाय अपने निवेश के उद्देश्य और जोखिम को भी ध्यान में रखना चाहिए। दिवाली 2026 से पहले सोने की कीमतों में आगे क्या बदलाव होगा, इस पर बाजार की चाल अहम रहेगी।

