Jio Platforms IPO: निवेशकों में दिखा जबरदस्त क्रेज, 100 मिनट में पूरा भरा 30,213 करोड़ का इश्यू
Jio Platforms IPO News: शेयर बाजार में जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। करीब 30,213 करोड़ रुपये के इस इश्यू को खुलने के लगभग 100 मिनट के भीतर पूरा सब्सक्रिप्शन मिल गया। शुरुआती दौर में संस्थागत निवेशकों की ओर से आई मजबूत मांग ने इस आईपीओ को बाजार के प्रमुख चर्चित इश्यू में शामिल कर दिया।
कंपनी ने आईपीओ के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशकों की शुरुआती भागीदारी को देखते हुए अब बाजार की नजर इश्यू के अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और शेयरों की लिस्टिंग पर है।
खुलते ही जियो IPO पर टूट पड़े संस्थागत निवेशक
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में सबसे पहले क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) श्रेणी के निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इश्यू खुलने के शुरुआती 10 मिनट के भीतर ही इस श्रेणी के लिए आरक्षित शेयर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गए।
इसके बाद मांग में तेजी आई और 30 मिनट से भी कम समय में QIB कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन लगभग दोगुना हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, इस श्रेणी में सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा 2.86 गुना तक पहुंच गया।
शुरुआती समय में पूरे इश्यू का सब्सक्रिप्शन 0.83 गुना था। हालांकि, लगभग 100 मिनट में कुल बोलियां उपलब्ध शेयरों की संख्या से आगे निकल गईं। इस घटनाक्रम ने आईपीओ के प्रति संस्थागत निवेशकों की मजबूत रुचि को उजागर किया।
भारत का सबसे बड़ा IPO बन सकता है जियो का इश्यू
जियो प्लेटफॉर्म्स का करीब 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस इश्यू के जरिए कंपनी भारत के सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है।
फिलहाल सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के पास है। कंपनी ने वर्ष 2024 में लगभग 27,870 करोड़ रुपये का सार्वजनिक निर्गम पेश किया था। जियो प्लेटफॉर्म्स का इश्यू आकार इससे अधिक है।
जियो ने अपने शेयरों का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये निर्धारित किया है। ऊपरी कीमत के आधार पर कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर बताया गया है।
इस इश्यू में लगभग 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है। यानी कंपनी के मौजूदा शेयरधारक इस आईपीओ के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं।
एंकर निवेशकों से पहले ही मिला बड़ा समर्थन
आईपीओ खुलने से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स ने एंकर निवेशकों के जरिए भी बड़ी रकम जुटाई। कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से लगभग 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए थे।
रिपोर्ट के अनुसार, एंकर निवेशकों की ओर से 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिली थीं। यह उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 30 गुना से ज्यादा मांग को दर्शाता है।
एंकर निवेशकों की मजबूत भागीदारी के बाद सार्वजनिक निर्गम खुलते ही मिली मांग ने बाजार में इस इश्यू को लेकर चर्चा और बढ़ा दी।
AI और क्लाउड कारोबार में विस्तार की तैयारी
जियो प्लेटफॉर्म्स अब टेलीकॉम सेवाओं के साथ-साथ डिजिटल टेक्नोलॉजी के दूसरे क्षेत्रों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है। कंपनी का ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और एंटरप्राइज डिजिटल सेवाओं पर है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी के अनुसार, जियो अपने बड़े ग्राहक आधार के जरिए डिजिटल सेवाओं के नए अवसरों का लाभ उठाना चाहती है।
कंपनी के पास करीब 53.33 करोड़ ग्राहक बताए गए हैं। इतना बड़ा यूजर बेस जियो के लिए डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने और नए कारोबार विकसित करने में मददगार हो सकता है।
आने वाले समय में निवेशक यह भी देखेंगे कि कंपनी अपने डिजिटल और तकनीक आधारित कारोबार से राजस्व और मुनाफे में कितनी वृद्धि कर पाती है।
जियो IPO में निवेश से पहले इन बातों पर दें ध्यान
आईपीओ को कम समय में पूरा सब्सक्रिप्शन मिलना निवेशकों की दिलचस्पी दिखाता है, लेकिन इसे शेयर की लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।
निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय नतीजों, मूल्यांकन, भविष्य की कारोबारी योजनाओं और जोखिमों का आकलन करना जरूरी है। साथ ही, अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और आधिकारिक आईपीओ दस्तावेजों को भी देखना चाहिए।

