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न्यूजीलैंड में चमकेगा ‘मेड इन इंडिया’: FTA से 100% एक्सपोर्ट हुआ ड्यूटी-फ्री, बढ़ेंगे रोजगार के मौके

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को रफ्तार देने वाला मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन से औपचारिक रूप से प्रभावी होने जा रहा है। भारत में न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त पैट्रिक जॉन राटा ने इस ऐतिहासिक समझौते पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे दोनों मुल्कों के उद्योगपतियों और व्यापारियों को नए बाजारों का सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने से न केवल औद्योगिक दायरा बढ़ेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।

दोनों देशों के उद्योगों को नए बाजार और युवाओं को मिलेंगे नए अवसर

एफटीए के क्रियान्वयन के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान उच्चायुक्त पैट्रिक जॉन राटा ने बताया कि यह समझौता दोनों देशों के कारोबारी समुदाय के लिए अतिरिक्त संभावनाओं के द्वार खोलेगा। भारतीय निर्यातक न्यूजीलैंड के बाजारों में अपने पैर पसार सकेंगे, वहीं न्यूजीलैंड के उद्यमियों को भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार से जुड़ने का मौका मिलेगा। उन्होंने रेखांकित किया कि व्यापारिक संबंधों में यह सहजता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती देने के साथ-साथ रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएगी।

100% भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड में शुल्क-मुक्त पहुंच

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसके लागू होते ही भारत के 100 प्रतिशत निर्यात को न्यूजीलैंड में बिना किसी सीमा शुल्क के प्रवेश मिलेगा। उन्होंने कहा कि विजयादशमी के पावन पर्व पर शुरू हो रही यह साझेदारी दोनों देशों के लिए वास्तविक ‘विजय’ साबित होगी। इस निर्णय का सीधा लाभ भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME), कुशल युवाओं, किसानों और श्रम-गहन विनिर्माण क्षेत्रों को मिलेगा।

कृषि और बागवानी को बढ़ावा, घरेलू हितों के चलते डेयरी क्षेत्र समझौते से अलग

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक यह समझौता भारतीय किसानों के लिए नई राहें तैयार करेगा, जिससे फल, सब्जियों, मसालों और विविध कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर मूल्य और मांग मिल सकेगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय में इजाफा होगा। वहीं घरेलू किसानों और पशुपालकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए भारत सरकार ने डेयरी जैसे संवेदनशील सेक्टर को एफटीए के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा है, ताकि स्थानीय उत्पादकों को विदेशी बाजार के जोखिमों से बचाया जा सके।

महज डेढ़ साल में पूरा हुआ सफर, दोनों वार्ता टीमों का आभार

पीयूष गोयल ने न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले और दोनों देशों के वार्ताकारों की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मार्च में शुरू हुई औपचारिक वार्ताओं से लेकर 20 अक्टूबर को इसके लागू होने तक का सफर इस बात का प्रमाण है कि दोनों राष्ट्र आपसी विश्वास और संतुलित आर्थिक सहयोग के प्रति कितने गंभीर हैं। यह मुक्त व्यापार समझौता आने वाले वर्षों में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और व्यावसायिक रूप से और अधिक प्रगाढ़ बनाएगा।

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