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दिवाली से पहले मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले, कई प्रस्तावों पर लगी मुहर

MP Cabinet Decisions: गुरुवार सुबह मंत्रालय में मोहन मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। ये प्रस्ताव तीन दिन पहले हुई विशेष मंत्रिमंडल बैठक में शामिल नहीं थे। गुरुवार को हुई मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री मोहन यादव (डॉ. मोहन यादव) ने की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वयं मंत्रिमंडल बैठक के बारे में मीडिया को जानकारी दी। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम के गायन से हुई। यह भी खास बात है कि मंत्रिमंडल बैठक के बाद मीडियाकर्मियों को फोन करके आमंत्रित किया गया।

क्या बोले सीएम मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं मीडिया को मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी दी। भोपाल-इंदौर-जबलपुर कॉरिडोर को औद्योगिक विकास कॉरिडोर घोषित किया गया है। यह कॉरिडोर पूरे महाकौशल क्षेत्र को नई औद्योगिक शक्ति प्रदान करेगा। जबलपुर से शुरू होकर भोपाल होते हुए राज्य की वाणिज्यिक राजधानी इंदौर तक जाने वाला यह कॉरिडोर औद्योगिक विकास और व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा।

मोहन यादव ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लागू करने के लिए उद्योग विभाग के माध्यम से एक नई कंपनी का गठन किया गया है। यह कंपनी एक आर्थिक गलियारे के रूप में कार्य करेगी और पूरी तरह से राज्य सरकार के स्वामित्व में होगी। राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। मैं स्वयं इसकी शासी परिषद की अध्यक्षता करूंगा, जिससे त्वरित निर्णय लेने और सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित हो सके। हमारी अन्य कंपनियों के संचालन से प्राप्त अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ भी इस परियोजना को मिलेगा, जिससे विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

औद्योगिक विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी

मोहन यादव ने कहा कि जबलपुर, नरसिंहपुर से रायसेन तक का क्षेत्र औद्योगिक विकास की अपार संभावनाओं से भरा है। यह पर्यटन, खनन, कृषि और भारी उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियां प्रदान करता है। सड़क, बिजली, पानी और विमानन सहित आवश्यक संपर्क सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। ये सभी सुविधाएं किसी भी उद्योग की स्थापना और संचालन के लिए मूलभूत हैं। इस कॉरिडोर के विकास से निवेश करने वाले उद्योगों को इन सुविधाओं का लाभ मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा। यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र को औद्योगिक एवं आर्थिक रूप से विकसित करने की एक व्यापक योजना है। इसके प्रथम चरण में 3,000 से लेकर 10,000 एकड़ तक भूमि विकसित करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कॉरिडोर निवेश और रोजगार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित होगा। मार्च 2028 तक 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का अनुमान है। इससे लगभग 100,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और 200,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। इस प्रकार, कुल मिलाकर 300,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं।आगामी तीन वर्षों की अवधि में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और छह लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की संभावना है। यह कॉरिडोर महाकौशल सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक विकास, निवेश संवर्धन और रोजगार सृजन का नया मार्ग प्रशस्त करेगा।

241 करोड़ की योजना मंजूर

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगे कहा कि मंत्रिमंडल ने विद्यालय परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 241 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दे दी है। राज्य स्तरीय परिवहन व्यवस्था के संचालन और रखरखाव में जिलों को जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, उन्हें देखते हुए हमने यह जिम्मेदारी कलेक्टरों को सौंपी है। स्थानीय परिस्थितियों और दरों में होने वाले अंतर को ध्यान में रखकर जिला स्तर पर ही बसों के संचालन एवं रखरखाव की व्यवस्था की जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि जनजातीय क्षेत्रों के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) एवं अन्य क्षेत्रों के विद्यालयों में भी विद्यार्थियों को परिवहन की सुविधा उपलब्ध हो सके।

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत मध्य प्रदेश में संदीपानी स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं और सरकारी स्कूलों, छात्रावासों, पुस्तकालयों, आवासीय एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें विधायकों, सांसदों और अन्य स्रोतों से प्राप्त योगदान भी शामिल होगा, शैक्षणिक संस्थाओं का बेहतर कायाकल्प किया जाएगा। (एजेंसी)

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