Shardiya Navratri 4th Day 2026: आज की जा रही है मां कूष्मांडा की पूजा, जानें सही पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, प्रिय भोग, मंत्र और आरती
Shardiya Navratri 4th Day 2026: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व बेहद धूमधाम से मनाया जा रहा है। नवरात्रि का चौथा दिन आदिशक्ति मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब सृष्टि में चारों तरफ अंधकार था और जीवन का कोई नाम-निशान नहीं था, तब माता ने अपनी हल्की सी ‘मंद मुस्कान’ से ब्रह्मांड की रचना की थी। यही वजह है कि इन्हें सृष्टि की ‘आदिशक्ति’ भी कहा जाता है।
अष्टभुजा धारी और दिव्य स्वरूप
मां कूष्मांडा का यह स्वरूप अत्यंत तेजस्वी है। माता के आठ हाथ (अष्टभुजा) हैं, जिनके सात हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल पुष्प, अमृत से भरा कलश, चक्र और गदा सुशोभित है, जबकि आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जप माला है। इनका वाहन सिंह (शेर) है।
पूजा के शुभ मुहूर्त
चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना के लिए कई शुभ योग बन रहे हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:54 से सुबह 05:43 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:44 से दोपहर 12:30 बजे तक (पूजा के लिए सबसे उत्तम समय)
- अमृत काल: दोपहर 04:14 से शाम 05:57 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:22 से दोपहर 03:09 बजे तक
पूजन विधि और प्रिय भोग
प्रातःकाल स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र (विशेषकर हरा रंग, जो इस दिन का शुभ रंग माना जाता है) धारण करें। माता के सम्मुख दीपक प्रज्वलित कर फल, फूल, सिंदूर, अक्षत और धूप अर्पित करें।
मां कूष्मांडा को मालपुए का भोग अत्यंत प्रिय है। इसके अलावा, माता को कद्दू से बनी मिठाई (पेठा) और दही का भोग भी लगाया जाता है। माता की पूजा में लाल रंग के फूल जैसे लाल कमल, गुड़हल या गुलाब चढ़ाना शुभ फलदायी होता है।
मां कूष्मांडा का विशेष मंत्र:
“ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥”
“या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥”

