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खेल संगठनों से सियासी जमीन तैयार करने की रणनीति? महाआर्यमन और आकाश के बाद अब कार्तिकेय की नई पारी

भोपाल। मध्य प्रदेश के कद्दावर नेताओं की अगली पीढ़ी के खेल प्रशासनों के जरिए सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ने के सिलसिले में एक और नया अध्याय जुड़ गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान को मध्य प्रदेश वॉलीबॉल संघ का निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया है। वे वर्ष 2026 से 2030 तक इस पद की कमान संभालेंगे।

33 जिला संघों का मिला समर्थन, कार्तिकेय बोले- ‘विश्वास टूटने नहीं दूंगा’

राजधानी भोपाल में आयोजित चुनाव में प्रदेश के 33 जिला संघों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की और सर्वसम्मति से कार्तिकेय सिंह चौहान के नाम पर मुहर लगाई। अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद कार्तिकेय ने कहा, “मध्य प्रदेश वॉलीबॉल संघ ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उसे टूटने नहीं दूंगा। हमारी कोशिश होगी कि मध्य प्रदेश के कोने-कोने से सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को तलाशकर देश के लिए तैयार किया जाए। खिलाड़ियों को बेहतर मंच, सुविधाएं और सम्मान दिलाना ही हमारी प्राथमिकता होगी।”

सिंधिया और विजयवर्गीय के बाद चौहान: खेल संगठनों से जुड़ाव का पैटर्न

कार्तिकेय चौहान की इस नई जिम्मेदारी के साथ ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि क्या खेल संघों के रास्ते नेताओं के बेटों की चुनावी राजनीति में औपचारिक एंट्री की तैयारी हो रही है। मध्य प्रदेश में यह ट्रेंड पहले भी देखा गया है:

MPCA के अध्यक्ष हैं महाआर्यमन सिंधिया

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के अध्यक्ष के रूप में खेल प्रशासन में सक्रिय हैं।

IDCA के अध्यक्ष हैं आकाश विजयवर्गीय

प्रदेश सरकार में वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय लंबे समय से इंदौर संभाग क्रिकेट एसोसिएशन (IDCA) की कमान संभाल रहे हैं।

खेल से जमीनी संपर्क साधने की रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खेल संघों की कमान संभालने से नेताओं की अगली पीढ़ी को सीधे युवाओं से जुड़ने और जिलों में अपना सांगठनिक दायरा बढ़ाने का प्रभावी मंच मिल जाता है। कार्तिकेय चौहान पहले से ही बुधनी और सीहोर क्षेत्र में सामाजिक और सांगठनिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहते हैं। अब 33 जिलों में फैले वॉलीबॉल नेटवर्क की बागडोर मिलने से प्रदेश स्तर पर उनके प्रभाव और संवाद का विस्तार होना तय माना जा रहा है।

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