दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ 20 अक्टूबर से, उज्जैन से अयोध्या तक करेंगे पदयात्रा
उज्जैन: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा प्रस्तावित उज्जैन-अयोध्या पदयात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। यह पदयात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन के महाकाल मंदिर से शुरू होगी और अयोध्या में राम लल्ला के दर्शन के साथ समाप्त होगी। आयोजकों के अनुसार, इस पदयात्रा का नाम “सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा” रखा गया है। इस पदयात्रा की दूरी लगभग 900 से 950 किलोमीटर है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले विभिन्न स्थलों से होकर आगे बढ़ेंगे। आयोजकों की ओर से मार्ग, पड़ाव और श्रद्धालुओं के ठहरने सहित दूसरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
अयोध्या से लाया गया सरयू नदी का पवित्र जल
पदयात्रा की तैयारियों के बीच सरयू नदी के जल से भरा कलश विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है। यात्रा में शामिल श्रद्धालु अयोध्या पहुँचकर सरयू नदी के किनारे विधिपूर्वक कलश में पवित्र जल भर चुके हैं। अब यह कलश उज्जैन से अयोध्या तक तीर्थयात्रियों के साथ ले जाया जाएगा। आयोजकों ने सरयू जल से भरे इस कलश को महाकाल की नगरी उज्जैन और भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या के बीच आस्था का प्रतीक बताया है। यात्रा का प्रारंभ भगवान महाकाल के दर्शन से होगा और इसका समापन राम लल्ला के दरबार में होने का प्रस्ताव है।
संतों ने श्रद्धालुओं से की पदयात्रा में शामिल होने की अपील
अयोध्या के संतों ने राम, शिव और सनातन धर्म में आस्था रखने वाले भक्तों से इस पदयात्रा में भाग लेने का आह्वान किया है। संतों के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों से भक्तों की भागीदारी इस यात्रा को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष बना सकती है। दिग्विजय सिंह ने भी विभिन्न समुदायों और विचारधाराओं के लोगों को यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करने की बात कही है। आयोजकों की ओर से यात्रा को धार्मिक आस्था, सनातन परंपराओं और सामाजिक समरसता से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है।
यात्रा की तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप
पदयात्रा शुरू होने से पहले मार्ग, पड़ावों, आवास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारियां चल रही हैं। वहीं, अयोध्या से लाया गया सरयू जल कलश यात्रा का एक प्रमुख धार्मिक प्रतीक बन गया है। अब सबकी निगाहें 20 अक्टूबर को प्रस्तावित यात्रा के शुभारंभ और उसमें भाग लेने वाले श्रद्धालुओं पर टिकी हैं। महाकाल नगरी से राम लल्ला के दरबार तक प्रस्तावित यह पदयात्रा न केवल अपनी धार्मिक आस्था के कारण बल्कि व्यापक भागीदारी के कारण भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
दिग्विजय सिंह की पदयात्रा में साथ चलेगा सरयू जल कलश
दिग्विजय सिंह द्वारा प्रस्तावित सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन के महाकाल मंदिर से शुरू होकर अयोध्या में समाप्त होगी। श्रद्धालु सरयू जल से भरे कलश लेकर आए और संतों ने उनसे यात्रा में शामिल होने की अपील की। (एजेंसी)

