Thu. Oct 8th, 2026

सपा को यूपी में बड़ा राजनीतिक झटका: 14 अक्टूबर को भाजपा में शामिल होंगे 3 बागी विधायक, अमेठी में मेगा जॉइनिंग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के बागी गुट ने अखिलेश यादव की चुनावी और सांगठनिक रणनीतियों को तगड़ा झटका देने की तैयारी पूरी कर ली है। राज्यसभा चुनाव के दौरान बगावती तेवर दिखाते हुए क्रॉस वोटिंग करने वाले सपा के तीन मौजूदा विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। आगामी 14 अक्टूबर को अमेठी के गौरीगंज में आयोजित एक विशाल जनसभा और मिलन समारोह में तीनों नेता औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व और योगी सरकार के कई मंत्रियों के मौजूद रहने की रूपरेखा तय की गई है।

गौरीगंज से तीन बार के विधायक राकेश प्रताप सिंह

अमेठी जिले की गौरीगंज सदर विधानसभा सीट से लगातार तीन बार चुनाव जीतने वाले राकेश प्रताप सिंह इलाके के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक चेहरों में गिने जाते हैं। विधानसभा चुनाव 2022 में उन्होंने सपा के सिंबल पर कड़े चुनावी मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी चंद्र प्रकाश मिश्रा को 6,963 मतों के अंतर से शिकस्त दी थी। इस चुनाव में राकेश प्रताप सिंह को 79,040 वोट मिले थे, जबकि भाजपा उम्मीदवार 72,077 वोटों पर सिमट गए थे। उनके जाने से अमेठी क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के कैडर और वोट बैंक पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

जालौन की कालपी सीट पर मजबूत पकड़ रखते हैं विनोद चतुर्वेदी

बुंदेलखंड के जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट से लगातार दो बार जीत दर्ज करने वाले विनोद चतुर्वेदी भी भगवा खेमे में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में कालपी सीट पर उन्होंने भाजपा समर्थित निषाद पार्टी के उम्मीदवार छोटे सिंह को कड़े मुकाबले में 2,816 वोटों के अंतर से हराया था। उस चुनाव में विनोद चतुर्वेदी को 69,782 वोट हासिल हुए थे, जबकि छोटे सिंह 66,966 मत पा सके थे। बुंदेलखंड के क्षेत्रीय समीकरणों में विनोद चतुर्वेदी का पाला बदलना सपा के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

गोसाईंगंज के सियासी समीकरणों के केंद्र हैं अभय सिंह

अयोध्या जिले की गोसाईंगंज विधानसभा सीट पर अभय सिंह का खासा राजनीतिक प्रभाव है। साल 2008 के परिसीमन के बाद वजूद में आई इस सीट पर हर चुनाव में मुख्य मुकाबला अभय सिंह और पूर्व विधायक इंद्र प्रताप उर्फ खब्बू तिवारी के परिवार के बीच ही देखने को मिला है। साल 2022 के पिछले विधानसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी अभय सिंह ने खब्बू तिवारी की पत्नी और भाजपा उम्मीदवार आरती तिवारी को 13,079 मतों के बड़े अंतर से हराया था। उस चुनाव में अभय सिंह को 1,05,863 वोट प्राप्त हुए थे, जबकि आरती तिवारी 92,784 वोट हासिल कर पाई थीं। इन तीनों मजबूत और मौजूदा विधायकों के भाजपा में जाने से सपा के लिए आगामी उप-चुनावों और क्षेत्रीय समीकरणों को संभालना एक बड़ी चुनौती साबित होगा।

About The Author

इन्हें भी पढ़े