उदयपुर के जंगलों में ‘ऑपरेशन शंकर’, NCB ने नष्ट किए 7,500 से ज्यादा गांजे के पौधे
Rajasthan Narcotics dept Action। उदयपुर: एनसीबी जोधपुर, एएनटीएफ राजस्थान और राजस्थान पुलिस की टीमों ने संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन शंकर’ के तहत उदयपुर जिले की कोटरा तहसील के नयावास गांव में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध गांजा की खेती के गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस अभियान के दौरान, अधिकारियों ने 9.4 बीघा भूमि पर फैले लगभग 7,577 गांजा के पौधों का पता लगाकर उन्हें नष्ट कर दिया।
2,273 किलोग्राम गांजा मिला
अधिकारियों का अनुमान है कि जब्त की गई सामग्री में लगभग 2,273 किलोग्राम गांजा हो सकता है, जिसका बाजार मूल्य लगभग 11.76 करोड़ रुपये है। जोधपुर स्थित एनसीबी ने इस मामले में केस नंबर 07/2026 दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है। राज्य में अवैध मादक फसलों की खेती को खत्म करने के लिए चल रहे प्रयासों के बीच यह कड़ी निगरानी की जा रही है।
दिसंबर 2027 मिशन के तहत एक्शन
यह कार्रवाई मादक पदार्थों पर नियंत्रण संबंधी राष्ट्रीय दृष्टिकोण दस्तावेज के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य केंद्रीय और राज्य एजेंसियों, जिला प्रशासनों और स्थानीय समुदायों को शामिल करते हुए निरंतर प्रवर्तन, निवारक उपायों और समन्वित प्रयासों के माध्यम से दिसंबर 2027 तक चिन्हित क्षेत्रों में अवैध भांग और अफीम की खेती को समाप्त करना है।
राजस्थान में बढ़ाई निगरानी
NCB के एक बयान में कहा गया है कि राजस्थान ने निगरानी बढ़ाकर, राजस्व अधिकारियों पर सख्त रिपोर्टिंग दायित्व लागू करके और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवर्तन अभियान तेज करके मादक फसलों की अवैध खेती पर अपनी कार्रवाई को और कड़ा कर दिया है। नए निर्देशों के तहत, पटवारियों को गिरदावरी के दौरान नियमित रूप से अपने अधिकार क्षेत्र का निरीक्षण करने और मादक फसलों की किसी भी संदिग्ध खेती की सूचना तुरंत संबंधित गिरदावर और तहसीलदार को देने का निर्देश दिया गया है।ऐसी सूचना प्राप्त होने पर, गिरदावरों को मौके पर जाकर सत्यापन करना होगा और भूमि अभिलेखों, भूस्वामी की पहचान, खेती के प्रकार और सीमा, इसमें शामिल व्यक्तियों और मामले में पहले की गई किसी भी कार्रवाई का विवरण देते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
राजस्थान के जिला कलेक्टरों को मिले निर्देश
राज्य सरकार ने आदेश दिया है कि इन रिपोर्टों को प्राप्त होने के 48 घंटों के भीतर एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को भेजा जाए। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि रिपोर्ट करने में किसी भी प्रकार की विफलता या देरी को गंभीर लापरवाही माना जाएगा और इसके परिणामस्वरूप अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और नियमित निगरानी तंत्र बनाए रखें। (एजेंसी)

