‘जाना तो है ही…’ दुनिया को अलविदा कहने से पहले नाना पाटेकर के आखिरी शब्द कर रहे सबको भावुक
पणजी/मुंबई। अपनी दमदार आवाज, संजीदा संवाद अदायगी और सादगी भरे अंदाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। गुरुवार सुबह गोवा में कार्डियक अरेस्ट पड़ने से उनका निधन हो गया। वे 77 वर्ष के थे। उनके अप्रत्याशित जाने की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री स्तब्ध है और चाहने वालों की आंखें नम हैं। पर्दे पर अपनी बेबाकी से जान फूंकने वाले इस महान कलाकार का यूं चले जाना भारतीय सिनेमा के एक सुनहरे युग के अंत जैसा है।
गोवा का वो मंच, जो बन गया उनकी अंतिम विदाई का गवाह
नाना पाटेकर को हाल ही में गोवा टूरिज्म के एक आधिकारिक आयोजन में शिरकत करते देखा गया था। यह मंच अनजाने में ही सही, उनकी जिंदगी का आखिरी सार्वजनिक संबोधन साबित हुआ। उस कार्यक्रम में माइक थामकर उन्होंने जिंदगी, मौत और इंसानी दायित्वों पर जो बातें कही थीं, उसका वीडियो अब इंटरनेट पर हर किसी का दिल झकझोर रहा है। उनके शब्द ऐसे थे मानो उन्हें वक्त की नजाकत और जिंदगी की नश्वरता का पहले से ही अहसास हो चुका था।
जिगरी दोस्त मनोहर पर्रिकर को याद कर नम हो गई थीं आंखें
मंच से गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की मौजूदगी में नाना पाटेकर ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और अपने दिवंगत मित्र मनोहर पर्रिकर के साथ बिताए पलों को याद किया था। उन्होंने बेहद भावुक स्वर में कहा था, “प्रमोद सावंत, मुझे नहीं पता प्रमोद तुम कैसे हो, तुम्हारे पिताजी के समय में… मनोहर पर्रिकर मेरे दोस्त थे। ऐसे दोस्त पर गर्व होना चाहिए। वो मेरा दोस्त था, अरे-तू वाला दोस्त। उम्र में मुझसे छोटा था। मैं अब 77 पूरे कर चुका हूं और 78वां शुरू होगा। लेकिन उसका बड़प्पन इतना था कि उसकी तरफ हमेशा सम्मान से ही देखना पड़ता था।”
‘सिर्फ अपने लिए जीना भी क्या जीना…’ दे गए जिंदगी का बड़ा फलसफा
भाषण के अंतिम हिस्से में नाना पाटेकर ने मृत्यु के शाश्वत सत्य को जिस बेबाकी से स्वीकारा, वह आज हर किसी को रुला रहा है। उन्होंने कहा था, “हमारा नसीब है कि हमारे यहां ऐसा इंसान पैदा हुआ जिसने इतना काम किया। जुनून होना चाहिए। जाना तो है ही, मैं भी कल हूं और कुछ पता नहीं, हर किसी की जिंदगी में वो एक वक्त आएगा ही। पर उससे पहले जो मुझे करना है, क्या मैं वो कर पा रहा हूं? क्या मैंने कोशिश की? अगर मैं सिर्फ अपने तक ही सीमित हूं, मेरे बच्चे, मेरी बीवी, मेरा घर, बस इतने तक ही जीना है तो फिर…” उनके ये अधूरे शब्द आज दुनिया भर में मौजूद उनके करोड़ों प्रशंसकों के दिलों में हमेशा के लिए गूंजते रहेंगे।

