संसद से चुनाव आयोग तक मार्च पर घमासान: बीजेपी का तीखा तंज- ‘बार-बार री-लॉन्च होकर भी फ्लॉप हैं राहुल’
नई दिल्ली। संसद भवन से निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) के प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले देश की सियासत में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने मोर्चा संभालते हुए विपक्षी दलों पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि विपक्ष का यह आंदोलन किसी संवैधानिक सुधार के लिए नहीं, बल्कि विफल हो चुके राहुल गांधी को किसी भी तरह सत्ता के शीर्ष पर बिठाने की सुनियोजित और प्रायोजित साजिश का हिस्सा है।
‘हार की हताशा में संवैधानिक ढांचों पर हमला’
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल एक खतरनाक परिपाटी पर चल रहे हैं। जब भी वे जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता खोते हैं, तो देश के लोकतांत्रिक स्तंभों को कटघरे में खड़ा करने लगते हैं। पात्रा ने कहा, “कांग्रेस शुरू से ही राहुल गांधी को लॉन्च और बार-बार री-लॉन्च करने में व्यस्त रही है। जब हर प्रयोग नाकाम साबित हुआ, तो कभी सेना के शौर्य पर सवाल उठाए गए, कभी ईवीएम और हिंदुओं को घेरा गया और अब पिछले कुछ दिनों से सीधे चुनाव आयोग को निशाना बनाया जा रहा है।”
‘ज्ञानेश कुमार 2025 में आए, बीजेपी का जनादेश दशकों पुराना’
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की ओर से बनाई जा रही थ्योरी को खारिज करते हुए पात्रा ने तथ्यों के साथ चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बीच बाहर बैठकर झूठ और अराजकता का नैरेटिव गढ़ा जा रहा है। ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति 19 फरवरी 2025 को हुई थी, जबकि भाजपा ने उससे पहले 2014 और 2019 के आम चुनावों सहित कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया। ऐसे में आयोग की मदद से जीत हासिल करने का आरोप पूरी तरह हास्यास्पद और तथ्यहीन है।
फॉर्म-6 और एसआईआर पर भ्रम फैलाने का आरोप
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद विपक्ष की बयानबाजी पर संबित पात्रा ने कानूनी स्थिति भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा फॉर्म-6 के मूल ढांचे में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत केवल एक अनिवार्य घोषणापत्र संलग्न किया गया है, ताकि मतदाता सूची की शुचिता बनी रहे। उन्होंने विपक्ष को आगाह करते हुए कहा कि बिना तथ्यों की पड़ताल किए सड़क पर अराजकता पैदा करने की कोशिशों को देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

