भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों के समर्थन में आए राहुल गांधी: CM मोहन यादव को लिखा पत्र, नोटिस वापस लेने और काउंसलिंग की अपील
भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन ने अब राष्ट्रीय स्तर पर सियासी तूल पकड़ लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखा है। राहुल गांधी ने सरकार से मांग की है कि भूख हड़ताल पर बैठे युवाओं पर दबाव बनाने के बजाय उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए और भर्ती में तत्काल पद वृद्धि की जाए।
भूख हड़ताल पर बैठे युवाओं को नोटिस दिए जाने पर आपत्ति
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में राहुल गांधी ने आंदोलनरत अभ्यर्थियों के प्रति प्रशासनिक रवैये पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि अपने भविष्य की गुहार लगा रहे और भूख हड़ताल पर बैठे युवाओं के साथ सरकार को संवाद स्थापित करना चाहिए, लेकिन इसके उलट उन्हें प्रशासनिक नोटिस थमाए जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि आंदोलनकारी युवाओं को जारी किए गए सभी नोटिस बिना शर्त तुरंत प्रभाव से निरस्त किए जाएं।
स्कूलों में 1 लाख से अधिक पद रिक्त होने का दिया हवाला
राहुल गांधी ने राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के स्कूलों में पहले से ही 1 लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। इन रिक्त पदों का सीधा और नकारात्मक असर प्रदेश के बच्चों की बुनियादी शिक्षा पर पड़ रहा है। उन्होंने हैरानी जताई कि इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद शिक्षक भर्ती-2025 में बहुत सीमित पदों पर विज्ञापन जारी किया गया, जिसमें वर्ग-3 के लिए केवल 13,089 और वर्ग-2 के लिए मात्र 10,800 पदों को ही शामिल किया गया है।
उम्र सीमा के करीब पहुंचे अभ्यर्थी, पक्की नौकरी का इंतजार
पत्र में राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कई अभ्यर्थी प्रतियोगी परीक्षा में बेहतरीन अंक लेकर आए हैं और कई वर्षों से अतिथि शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद सीमित पदों की वजह से वे नियमित और पक्की नौकरी पाने से महरूम हैं। वर्षों तक भर्ती और काउंसलिंग का इंतजार करते-करते इनमें से कई अभ्यर्थी अपनी अधिकतम निर्धारित आयु सीमा के बिल्कुल मुहाने पर पहुंच चुके हैं।
सरकार से तुरंत संवाद और दूसरी काउंसलिंग की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने युवाओं की जायज मांगों का हवाला देते हुए राज्य सरकार से तीन स्पष्ट कदम उठाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने प्रतिनिधियों को भेजकर आंदोलनकारियों से तत्काल बातचीत करे, वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाए, और दूसरे चरण की काउंसलिंग की प्रक्रिया को बिना किसी विलंब के जल्द से जल्द शुरू करे, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा और प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सके।

