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झारखंड JSSC-CGL पेपर लीक मामले में एजेंट मनु गिरफ्तार, दो आरोपी रिमांड पर

रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा में हुई धोखाधड़ी और पेपर लीक की जांच कर रही झारखंड सीआईडी ​​की विशेष जांच टीम ने बिहार के सारण जिले से एक अंतरराज्यीय एजेंट को गिरफ्तार किया है। पहले से जेल में बंद दो अन्य आरोपियों को पूछताछ के लिए न्यायिक हिरासत में लिया गया है। सीआईडी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 के तहत कार्रवाई करते हुए अप्राथमिकी अभियुक्त मनु कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है। वह बिहार के सारण (छपरा) जिले के अवतार नगर थाना अंतर्गत देवरिया गांव का रहने वाला है।

सीआईडी की जांच खुलासा

सीआईडी ​​की जांच में पता चला कि मनु कुमार सिंह ने कई JSSC-CGL उम्मीदवारों को अवैध रूप से अनुचित लाभ प्रदान करके उन्हें परीक्षा उत्तीर्ण करने में सक्षम बनाया। सीआईडी ​​ने पूछताछ के लिए दो अन्य जेल में बंद आरोपियों को भी हिरासत में लिया है। इनमें पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के डुमरी निवासी कुन्दन कुमार और गिरिडीह जिले के बेंगाबाद निवासी समीर कुमार शामिल हैं। सीआईडी की टीम अब रिमांड पर लिए गए आरोपियों और मनु कुमार सिंह से पूछताछ कर गिरोह के बाकी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

पैसे वसूलने का काम

गौरतलब है कि सीआईडी ​​की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अब तक जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के पेपर लीक मामले में कुल 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने पूरी कार्रवाई दो मुख्य चरणों में की। पहले चरण में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें ज्यादातर पुलिस अधिकारी और कांस्टेबल थे, जो मिलीभगत करके उम्मीदवारों से पैसे वसूल रहे थे। वहीं, जांच आगे बढ़ने पर सीआईडी ने मुख्य सरगनाओं, अंतरराज्यीय एजेंटों, परीक्षा कराने वाली एजेंसी के कर्मियों और धांधली के सहारे पास होने वाले फर्जी अभ्यर्थियों समेत 17 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।

दो आरोपी रिमांड पर

जांच में यह भी पता चला है कि इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड गोड्डा का ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर अभय तिवारी था, जो फिलहाल जेल में है। इस गिरोह के संबंध झारखंड के कई जिलों के साथ-साथ बिहार, पश्चिम बंगाल और नेपाल तक फैले हुए थे, जहां उम्मीदवारों को गुप्त स्थानों पर ले जाया जाता था और परीक्षा से ठीक पहले उन्हें प्रश्न और उत्तर याद करवाए जाते थे। सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद इस मामले में कई और बड़े नामों पर शिकंजा कसा जा सकता है। (एजेंसी)

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