एशियाई खेलों में भारतीय सॉफ्ट टेनिस का ‘गोल्डन मोमेंट’: 75 साल के इतिहास में पहली बार आया पदक, MP के जय ने रचा इतिहास
भोपाल। मध्य प्रदेश की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर भारत का परचम लहराया है। देवास जिले के युवा सनसनी जय मीणा ने एशियन गेम्स की पुरुष सिंगल्स सॉफ्ट टेनिस स्पर्धा में कांस्य पदक (Bronze Medal) जीतकर नया इतिहास रच दिया है। एशियाई खेलों के इतिहास में भारत ने सॉफ्ट टेनिस खेल में पहली बार कोई पदक हासिल किया है। इस अभूतपूर्व जीत के साथ ही जय मीणा ने भारतीय खेल जगत में अपनी खास पहचान बना ली है और मध्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
सेमीफाइनल का रोमांच: 0-3 से पिछड़ने के बाद लड़े जय
पुरुष एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल में जय मीणा का सामना सॉफ्ट टेनिस में दुनिया की सबसे मजबूत ताकतों में शुमार जापान के ताकुया कुरोसाका से हुआ। मैच की शुरुआत में जापानी खिलाड़ी का दबदबा देखने को मिला और उन्होंने लगातार तीन गेम जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली। हालांकि, जय मीणा ने दबाव में बिखरने के बजाय शानदार वापसी की। उन्होंने आक्रामक खेल दिखाते हुए चौथा गेम 4-1 और पांचवां गेम 6-4 से जीतकर स्कोर 2-3 कर दिया। हालांकि, निर्णायक छठे गेम में कुरोसाका ने अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए गेम 4-1 से अपने नाम कर लिया और मुकाबला 4-2 से जीत लिया। सेमीफाइनल में भले ही सफर रुका, लेकिन अंतिम चार में पहुंचते ही जय ने भारत के लिए पदक पक्का कर दिया था।
क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के स्टार को दी थी शिकस्त
इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचने के लिए जय ने टूर्नामेंट में जबरदस्त खेल दिखाया। क्वार्टर-फाइनल मुकाबले में फिलीपींस के दिग्गज शेरविन नुगुइट के खिलाफ उन्होंने सांस रोक देने वाले मुकाबले में 4-3 (0-4, 4-2, 2-4, 5-3, 2-4, 7-5) से रोमांचक जीत दर्ज की थी। इससे पूर्व ग्रुप मैचों में भी उन्होंने पाकिस्तान के अराइन हुसैन को 4-0 से एकतरफा शिकस्त दी थी। जय की यह सफलता अचानक नहीं आई है; इससे पहले वे 2025 में एशियन सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में भी पुरुष सिंगल्स का कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच चुके हैं।
बॉल बॉय से एशियन मेडलिस्ट बनने की प्रेरक दास्तान
जय मीणा की यह यात्रा किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। शुरुआत में जय का सपना एक क्रिकेटर बनने का था। लेकिन देवास के पायनियर पब्लिक स्कूल में जब उन्होंने पहली बार सॉफ्ट टेनिस कोर्ट देखा, तो उनका ध्यान इस खेल की तरफ खिंच गया। वे घंटों कोर्ट किनारे खड़े होकर सीनियर्स का खेल देखा करते थे और अभ्यास के दौरान खिलाड़ियों की मदद के लिए बॉल बॉय बनकर गेंदें उठाते थे। धीरे-धीरे गेंद उठाने का यह सिलसिला खेल के प्रति गहरे जुनून में बदल गया।
14 की उम्र में पहुंचे जापान, 2022 नेशनल गेम्स में जीता था गोल्ड
प्रतिभा के धनी जय ने जब खुद रैकेट संभाला, तो पीछे मुड़कर नहीं देखा। स्कूल और जिला स्तर पर अपना दबदबा बनाने के बाद वे महज 14 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए सॉफ्ट टेनिस के गढ़ माने जाने वाले जापान पहुंचे। साल 2022 में गुजरात में आयोजित 36वें राष्ट्रीय खेलों में उन्होंने पुरुष सिंगल्स का स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर राष्ट्रीय सुर्खियों में जगह बनाई थी। साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश की टीम को डबल्स और टीम इवेंट में भी पदक दिलाए। अब एशियन गेम्स में देश के लिए पहला मेडल जीतकर जय मीणा ने साबित कर दिया है कि लगन और जुनून के आगे संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती।

