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‘वंदे मातरम’ विवाद में मनोज मुंतशिर की एंट्री, राहुल गांधी पर साधा निशाना

Manoj Muntashir: गीतकार और पटकथा लेखक मनोज मुंतशिर अक्सर अपने बेबाक बयानों की वजह से चर्चा में रहते हैं, वे कई तरह के मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं। शुक्रवार को उन्होंने ‘वंदे मातरम’ को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी बात रखी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए मुंतशिर ने कहा कि कांग्रेस नेता को ऐसी हरकतों से बचना चाहिए और राष्ट्रगीत को पूरा गाना चाहिए।

‘वंदे मातरम’ पूरा गाना पड़ेगा- मनोज मुंतशिर

मनोज मुंतशिर अपनी पत्नी के साथ उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करने गए थे। वहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने ‘वंदे मातरम’ को गाने के तरीके और सार्वजनिक रूप से इसके केवल चुनिंदा हिस्सों को गाने की प्रथा पर आपत्ति जताई। कई लोगों की इस राय पर कि गीत को केवल दो छंदों तक ही सीमित रखा जाना चाहिए, उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘वंदे मातरम’ को पूरा गाया जाना चाहिए। राहुल गांधी का स्पष्ट रूप से नाम लिए बिना, मुंतशिर ने कहा कि कांग्रेस नेता को ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए।’वंदे मातरम’ पूरा गाना चाहिए। विपक्ष के नेता को ऐसी चीजों से परहेज करना चाहिए। ‘वंदे मातरम’ को पूरा ही गाना पड़ेगा।

एक राजनीतिक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज ने कहा कि भारत किसी के बाप की जागीर नहीं है। देश की पहचान उसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी होनी चाहिए। ‘वंदे मातरम’ को केवल दो छंदों तक सीमित करने पर हुए विवाद का जिक्र करते हुए—और यह देखते हुए कि लोग अक्सर कहते हैं कि भारत किसी के बाप की संपत्ति नहीं है—उन्होंने पूछा, “मैं जानना चाहता हूं कि वे किसे अपना पिता मानते हैं।”सूर्यवंशियों का गौरव हमेशा हमारी रगों में दौड़ता रहा है। सनातन काल से ही केसरिया आकाश का अस्तित्व रहा है। हम शिवाजी और गुरु नानक को अपने पूर्वज मानते हैं। भारत हमारे पूर्वजों का था और आज भी उन्हीं का है।

पीएम मोदी की तारीफ में क्या बोले मनोज मुंतशिर

मनोज मुंतशिर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में भी बात की। उन्होंने प्रधानमंत्री की उस खास खूबी का जिक्र किया जो उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है। प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वैसे तो उनके जीवन की कई घटनाएं प्रेरणादायक हैं, लेकिन अगर उन्हें सिर्फ एक खूबी चुननी हो, तो वह होगी उनकी सेवा की भावना। वे निस्वार्थ भाव से सेवा करते हैं। मेरा मानना ​​है कि अगर उनके पूरे जीवन को एक शब्द में समेटा जाए, तो वह शब्द ‘सेवा’ होगा। (एजेंसी)

 

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