Nithari Case के आरोपी सुरेंद्र कोली ने की आत्महत्या, हरिद्वार में बेच रहा था चाय
Nithari Case accused Surendra Koli : हरिद्वार में सप्त सरोवर रोड पर लालमाता मंदिर के सामने शुक्रवार, 18 सितंबर को एक चाय विक्रेता ने आत्महत्या कर ली। जांच में मृतक की पहचान सुरेंद्र कोहली (50) के रूप में हुई है, जो शंकु राम के पुत्र और अल्मोड़ा के भीकियासैन जिले के मंगरुखाल गांव के निवासी थे। सप्तऋषि पुलिस स्टेशन के अनुसार, शुक्रवार तड़के करीब 11 बजे सूचना मिली कि एक व्यक्ति ने अपनी दुकान में आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।बताया जा रहा है कि सुरेंद्र कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में ही रह रहा था। कुछ दिन पहले ही उसने यहां पर चाय का दुकान किराए पर लिया था।
पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है, पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम शुरू कर दिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। खबरों के अनुसार, हरिद्वार शहर के पुलिस निरीक्षक कुंदन सिंह राणा ने बताया कि आत्महत्या करने वाला चाय की दुकान का मालिक सुरेंद्र कोली था, जो निठारी मामले में आरोपी था। हालांकि, उसकी चाय की दुकान से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को अपने कब्जे में लिया और जांच शुरू की। सुरेंद्र कोली निठारी मामले में आरोपी था और हाल ही में उसे बरी कर दिया गया था। पुलिस अब उसकी मौत के आसपास की परिस्थितियों की जांच कर रही है। 2005-06 के दौरान निठारी क्षेत्र में बच्चों और महिलाओं के लापता होने की घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी थी।लगातार सामने आ रहे इन मामलों की पड़ताल के दौरान पुलिस 29 दिसंबर 2006 को सेक्टर-31 स्थित कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी D-5 तक पहुंची. कोठी के पीछे मौजूद नाले और आसपास के इलाके की तलाशी में पुलिस को कई मानव खोपड़ियां, हड्डियां, कपड़े और दूसरी चीजें मिली थीं।
इन बरामदगी के बाद, मोहिंदर सिंह पंधेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार कर लिया गया। जनवरी 2007 में जांच सीबीआई को सौंप दी गई। पुलिस ने लापता होने और अपराध से संबंधित 19 अलग-अलग एफआईआर दर्ज कीं। सीबीआई ने इनमें से 16 मामलों में चार्जशीट दाखिल की। जांच के दौरान, सुरेंद्र कोली पर हत्या, बलात्कार, अपहरण और सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया गया।
सुप्रीम कोर्ट से हो गया था बरी
इस घटना के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और लोग आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आए। इस मामले का मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली था, जो अल्मोड़ा के भीकियासेद जिले के मंगरुखाल गांव का निवासी था। वह नोएडा के सेक्टर 31 में रहने वाले व्यापारी मोहिंदर सिंह पंधेर का घरेलू नौकर था। गौरतलब है कि 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को 2006 के निठारी हत्याकांड और दुष्कर्म मामले में बरी कर दिया था।जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुरेंद्र कोली को निठारी कांड के कई मामलों में फांसी की सजा सुनाई थी। हालांकि, उसे साल 2015 में ही फांसी की सजा से राहत देते हुए उसकी सजा को उम्र कैद में बदल दिया गया था। (एजेंसी)

