धनबाद के कतरास में अवैध खनन के दौरान हादसा, मलबे में दबकर 2 महिलाओं की मौत
धनबादः झारखंड के धनबाद जिले के बाघमारा ब्लॉक के रामकनाली ओपीडी क्षेत्र में रविवार सुबह एक भीषण दुर्घटना घटी। कुम्हार पट्टी रोड पर अवैध कोयला खनन के दौरान खदान के अचानक ढह जाने से दर्जनों लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। मलबे से निकाली गई दो गंभीर रूप से घायल महिलाओं की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। स्थानीय लोगों द्वारा घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान जारी है। मौत का आंकड़ा बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है।
मिट्टी का बड़ा हिस्सा धंसने से हुआ हादसा
घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि रविवार की सुबह कुछ पुरुष और महिलाएं अवैध सुरंगों में कोयला खोदने का काम कर रहे थे, तभी अचानक एक जोरदार आवाज के साथ मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे कई लोग मलबे के नीचे दब गए। इस अचानक हुई घटना से अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।
अस्पताल ले जाने के दौरान दो महिलाओं की मौत
गांव वालों ने तुरंत मलबे से दोनों महिलाओं को बाहर निकाला और गंभीर रूप से घायल महिलाओं को बाइक से स्थानीय अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही दोनों की मौत हो गई। मृतकों में कटरास के केवटकुली की निवासी मुनिया देवी और बेलोंजाबाद की एक महिला शामिल हैं।हादसे के बाद तीन 3 लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की सूचना है। जबकि अब भी कई लोगों के अंदर दबे होने की बात सामने आ रही। स्थानीय लोग कई उपकरणों की मदद से मिट्टी हटाकर लोगों को मलवे से बाहर निकालने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
बीसीसीएल प्रबंधन और प्रशासन के दी गई सूचना
इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई है। स्थानीय पुलिस और बीसीसीएल प्रबंधन को घटना की सूचना दी गई, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी न तो बीसीसीएल, न ही जिला प्रशासन और न ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची है। प्रशासन द्वारा कोई राहत या बचाव अभियान शुरू नहीं किया गया है।
अवैध कोयला उत्खनन का गढ़ है कतरास क्षेत्र
धनबाद जिले के बाघमारा और कटरास ऐसे क्षेत्र हैं जहां बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन होता है। इस अवैध कोयला खनन के कारण कई दुर्घटनाएं हुई हैं और दर्जनों लोगों की जान गई है। इसके बावजूद, अवैध कोयला व्यापार बेरोकटोक जारी है। हालांकि सीआईएसएफ की टीमों ने इस क्षेत्र में बार-बार छापेमारी की है और अवैध कोयला जब्त करने का वादा किया है, लेकिन न तो बीसीसीएल और न ही सरकार ने अवैध खनन को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाया है। न ही इसे रोकने में पुलिस या जिला प्रशासन दिलचस्पी दिखाती है। जिसकी वजह से ऐसे हद से आए दिन होते रहते हैं। (एजेंसी)

