होर्मुज में अमेरिका को बड़ा झटका: ईरान ने कब्जे में लिया एडवांस्ड अंडरवॉटर ड्रोन Dive-LD, जॉर्डन बेस पर दागीं मिसाइलें
तेहरान/वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब गहरे समुद्र से लेकर सैन्य अड्डों तक फैल गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने वैश्विक तेल व्यापार की लाइफलाइन माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार से अमेरिकी नौसेना के एक आधुनिक मानवरहित अंडरवॉटर ड्रोन को जब्त कर लिया है। इस बड़ी सैन्य सफलता के तुरंत बाद, ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर भारी मिसाइल हमला कर अमेरिका द्वारा अपने तेल टैंकरों पर की गई स्ट्राइक का बदला लेने का ऐलान किया है।
ईरानी नेवी के कब्जे में 19 फीट लंबी ‘अंडरवॉटर सबमरीन’ Dive-LD
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने रणनीतिक जलमार्ग के पास समुद्र में तैर रहे एक अत्याधुनिक मानवरहित उपकरण को इंटरसेप्ट कर अपने नियंत्रण में ले लिया। इस उपकरण की पहचान अमेरिकी रक्षा फर्म एंडुरिल द्वारा निर्मित ‘Dive-LD’ ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल (AUV) के रूप में हुई है।
कैलिफोर्निया स्थित रक्षा कंपनी द्वारा तैयार किया गया यह 19 फीट लंबा अंडरवॉटर ड्रोन आधुनिक नौसैनिक युद्ध का प्रमुख हथियार माना जाता है:
सी-बेड मैपिंग व जासूसी: यह समुद्र की तलहटी का सटीक नक्शा बनाने और नौसैनिक गतिविधियों की खुफिया जानकारी जुटाने में सक्षम है।
रणनीतिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की निगरानी: गहरे पानी में बिछाई गई अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट केबल और तेल-गैस पाइपलाइनों की जांच और टोह लेने का काम करता है।
माइन हंटिंग: समुद्र में छिपाई गई बारूदी सुरंगों का पता लगाकर उन्हें निष्प्रभावी करने के लिए इसका उपयोग होता है।
जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर 20 मिसाइलें दागीं, 18 को हवा में उड़ाया
ड्रोन जब्ती के साथ ही ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने जानकारी दी कि IRGC ने जॉर्डन के अल-अजराक में स्थित अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाते हुए भारी बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता और संपत्तियों पर हुए हमलों का ‘दंडात्मक अभियान’ बताया।
इधर, जॉर्डन की सेना ने स्पष्ट किया कि उसके मुस्तैद एयर डिफेंस सिस्टम ने इस बड़े हमले को विफल कर दिया। जॉर्डन के अनुसार, कुल 20 बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक किया गया था, जिनमें से 18 को आसमान में ही मार गिराया गया, जबकि दो मिसाइलें रिहायशी इलाकों से दूर खुले मैदान में गिरीं।
5 ईरानी टैंकरों पर अमेरिकी प्रहार के बाद भड़की आग
ईरान की यह आक्रामक कार्रवाई 8 सितंबर को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा की गई उस बड़ी स्ट्राइक के बाद आई है, जिसमें अमेरिकी सेना ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े पांच विशाल तेल टैंकरों को निशाना बनाया था। इनमें से चार टैंकर ओमान की खाड़ी में और एक खार्ग द्वीप के निकट फारस की खाड़ी में नष्ट किए गए थे। अमेरिका का कहना था कि यह कार्रवाई अमेरिकी युद्धपोतों पर हुए ईरानी हमलों के जवाब में की गई थी।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की चेतावनी
तनाव के बीच कोलंबिया पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा कि ईरान लगातार अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर हमले की कोशिश कर रहा है। रुबियो ने दो टूक शब्दों में आगाह किया कि जब भी ईरान ऐसा कोई दुस्साहस करेगा, अमेरिकी सेना उसके तेल टैंकरों को चुन-चुनकर नष्ट करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्र के नीचे अमेरिकी ड्रोन की जब्ती और सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमलों से होर्मुज जलमार्ग पर जंग का खतरा और गहरा गया है।

