निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव: 4 नगर निगम समेत 15 निकायों में पर्यवेक्षक नियुक्त
रायपुर: छत्तीसगढ़ में नगरिया निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस ने संगठन को चुनावी मोड में लाने हुए प्रदेश के कई नगरिया क्षेत्रों के लिए पर्यवेक्षकों और सह- पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। पार्टी ने 4 नगर निगमों के अलावा 5 नगर पालिकाओं और 6 नगर पंचायतों में नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। कांग्रेस की ओर से नियुक्ति किए गए नेताओं को अपने- अपने क्षेत्रों में तत्काल पहुंचकर स्थानीय संगठन के साथ समन्वय करने और चुनावी गतिविधियों में सक्रीय भुकिमा निभाने के निर्देश दिए गए हैं, पार्टी के इस कदम को आगामी नगरीय निकाय चुनाव के लिए जमीनी स्टार पर संगठन को मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर देशा जा रहा है।
इन बड़े नेताओं कको सौंपी गई है अहम जिम्मेदारी:
कांग्रेस ने नगरीय निकाय चुनाव के लिए अनुभवी नेताओं को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी है। पार्टी ने बिरगांव, भिलाई , रिसाली और भिलाई- चरौदा नगर निगम के लिए अलग- अलग नेताओं की नियुक्ति की है।
भिलाई में धनेंद्र साहू तो बिरगांव में ये नेता संभालेंगे जिम्मेदारी:
भिलाई नगर निगम में कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, वहीं दीपक दुबे को सह- पर्यवेक्षक बनाया गया है।
वहीं बात करें बिरगांव नगर निगम की तो यहां से डॉ. शिवकुमार डहरिया को पर्यवेक्षक बनाया गया है, उनके साथ मोतीलाल देवांगन और लेखराम साहू को सह- पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
इन नेताओं को क्षेत्र में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने गतिविधियों को गति देने और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
रिसाली में मोहन मरकाम को जिम्मा
रिसाली नगर निगम के लिए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें क्षेत्र में पार्टी की चुनावी गतिविधियों की निगरानी और संगठन के साथ समन्वय का काम करना होगा।
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भिलाई-चरौदा में विकास उपाध्याय समेत तीन नेता
भिलाई-चरौदा नगर निगम की जिम्मेदारी पूर्व विधायक विकास उपाध्याय को दी गई है। उनके साथ कन्हैया अग्रवाल और राजेंद्र साहू को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
पार्टी ने सभी नियुक्त नेताओं को अपने निर्धारित क्षेत्रों में सक्रिय होकर चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस का फोकस स्थानीय संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाने और चुनावी गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने पर रहेगा।
निकाय चुनाव के लिए संगठन को सक्रिय करने की कवायद
नगरीय निकाय चुनाव स्थानीय स्तर पर राजनीतिक दलों के लिए काफी अहम माने जाते हैं। ऐसे में कांग्रेस ने चुनावी गतिविधियों की निगरानी के लिए वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारकर संगठनात्मक तैयारियों को गति देने की कोशिश की है। आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में पार्टी की बैठकों और चुनावी गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है।

