SIR कैंप में BDO पर मारपीट का आरोप, पूर्व विधायक विनोद सिंह ने चुनाव आयोग से की शिकायत
झारखंड न्यूज़ : झारखंड बागोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने कुसमाडीह पंचायत भवन में आयोजित एसआईआर शिविर के दौरान सरिया के BDO और सहायक निर्वाचन अधिकारी पर मारपीट का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि एसडीओ ने ग्रामीणों, महिलाओं और बीडीओ के साथ दुर्व्यवहार किया और युवकों पर हमला किया। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
13 बूथों का कैंप 25किमी दूर करने का आरोप
चुनाव आयोग को लिखे पत्र में विनोद कुमार सिंह ने कहा कि घटना की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने कार्रवाई करने के बजाय 13 स्टेशनों वाले शिविर को 25 किलोमीटर दूर स्थानांतरित कर दिया और ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया। उन्होंने मांग की कि ग्रामीणों के खिलाफ मामला वापस लिया जाए, दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए और शिविर को पंचायत में पुनर्गठित किया जाए।
मारपीट और दुर्व्यवहार की शिकायत की पूर्व विधायक
पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि इस घटना को ग्रामीणों द्वारा ब्लॉक विकास अधिकारी को अनावश्यक रूप से बंधक बनाने के रूप में प्रचारित किया गया। हालांकि, सच्चाई यह है कि बीडीओ सरिया ने शिविर के दौरान उत्तेजित होकर अपशब्दों का प्रयोग किया और उस दिन दोपहर करीब 3 बजे शिविर के द्वार पर प्रवेश करने वाले एक युवक को थप्पड़ भी मारा। इसी बीच, शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच पंचायत भवन के अंदर एक युवक का गला घोंट दिया गया। पूरी घटना पंचायत भवन के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। युवक को चार थप्पड़ भी मारे गए। इसके बाद ग्रामीण पंचायत भवन से बाहर आ गए और वरिष्ठ अधिकारी को बुलाने की मांग करने लगे। स्थिति में तनाव देखकर पंचायत कार्यकर्ताओं ने खुद ही अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। जब वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी, जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हो गया। सभी अधिकारी सुरक्षित लौट आए। हालांकि, अगले दिन उत्पीड़न के तौर पर सहायक चुनाव अधिकारी ने 25 किलोमीटर दूर स्थित 13 बूथों के शिविर को सरिया में स्थानांतरित कर दिया। चुनाव आयोग इस मामले का संज्ञान लेकर सहायक चुनाव अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कर सकता था, लेकिन इसके बजाय सहायक चुनाव अधिकारी ने ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया। स्थानीय प्रशासन का दावा है कि यह मामला चुनाव आयोग के निर्देश पर दर्ज किया गया था। (एजेंसी)

