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इजरायल में गूंजी कान्हा की भक्ति, यहूदियों ने धूमधाम से मनाई कृष्ण जन्माष्टमी

Krishna Janmashtami 2026: कृष्ण के भक्त न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में हैं और यह मौका तब और भी खास हो जाता है जब यह उनके आराध्य देव का जन्मदिन हो। इजराइल में भी जन्माष्टमी का त्योहार उसी उत्साह के साथ मनाया गया, जैसे भारत में मनाया जाता है। कान्हा के जन्मदिन का जश्न तब और भी खास हो गया जब इजराइल के यहूदी समुदाय ने भी गाने-बजाने और गहरी श्रद्धा के साथ इसमें हिस्सा लिया। तेल अवीव से लेकर मोशाव एवियल तक, शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी अनोखे और जोश भरे अंदाज में मनाई गई, जिसमें चारों ओर “हरे राम, हरे कृष्ण” के जयकारे गूंज रहे थे।

कृष्ण जन्माष्टमी मनाई यहूदी समुदाय ने

भगवान कृष्ण की जन्मोत्सव मनाने के लिए देश भर से सैकड़ों श्रद्धालु यहां जुटे, जिनमें से ज्यादातर लोग यहूदी समुदाय के थे। शुक्रवार को, इजराइल के एक कृषि समुदाय वाले गांव का सांस्कृतिक केंद्र भगवान कृष्ण और भारतीय संस्कृति के रंग में रंगा हुआ था। यह ‘मोशाव’ (कृषि समुदाय वाला गांव) उस शहर के पास स्थित है जहां भगवान कृष्ण के कुछ अनुयायी रहते हैं, जिन्हें यहां आम तौर पर ‘हरे कृष्ण’ के नाम से जाना जाता है।

इजराइल में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक

ये भक्त भारत, खासकर वृंदावन और मायापुर की अपनी यात्राओं के दौरान सीखे गए सिद्धांतों का पूरी निष्ठा से पालन करते हैं। ‘गौर पूर्णिमा’ और ‘जन्माष्टमी’ इनके लिए सबसे महत्वपूर्ण त्योहार हैं, जिन्हें हर साल बहुत उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इजराइल में भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाले कई अन्य लोग भी इन उत्सवों में शामिल होते हैं। पास के एक शहर की रहने वाली तमार ने बताया कि वह दो दशक से अधिक समय से हर साल जन्माष्टमी के जश्न में शामिल हो रही हैं। इस समूह ने भारतीय संस्कृति के प्रति उनकी रुचि को और गहरा किया है।

कृष्ण प्रसाद’ में 108 प्रकार के व्यंजन परोसे गए

बता दें कि जन्माष्टमी के जश्न के दौरान, भक्तों ने ‘एलोहिम प्लस’ (गॉड प्लस) नाम का एक नाटक भी पेश किया। इस नाटक के जरिए उन्होंने राधा और कृष्ण के बीच के प्यार, भक्ति और दिव्य बंधन का संदेश दिया। कार्यक्रम के आखिर में, वहां मौजूद भक्तों को ‘कृष्ण प्रसाद’ परोसा गया; इस भोज में शाकाहारी व्यंजनों की 108 किस्में शामिल थीं। (एजेंसी)

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