ट्रेन में मिलेगा फ्लाइट जैसा अनुभव, 260 वंदे भारत स्लीपर बदलेंगी सफर का अंदाज
260 Vande Bharat Train : वंदे भारत रेल सीरीज ने 2019 में अपनी शुरुआत के बाद से काफी लंबा सफर तय किया है। शुरुआत में दिन के समय प्रीमियम चेयर-कार सेवा के रूप में शुरू हुई वंदे भारत एक्सप्रेस अब रात भर की यात्रा की सुविधा भी प्रदान कर रही है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से अधिक लंबी दूरी के मार्गों पर सेमी-हाई-स्पीड रेल यात्रा के विकल्प उपलब्ध होने की उम्मीद है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का पहला ट्रेनसेट इसी साल गुवाहाटी-हावड़ा रूट पर शुरू हुआ था। वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का दूसरा ट्रेनसेट फिलहाल ट्रायल में है। बेंगलुरु-मुंबई रूट का सुझाव दिया गया है, लेकिन रेलवे ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए, अगली यात्री सेवा के रूट को अभी अंतिम रूप से तय नहीं माना जा सकता। भारतीय रेलवे अब वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की श्रृंखला का व्यापक विस्तार करने की तैयारी कर रहा है। वर्तमान योजना के तहत कुल 260 वंदे भारत स्लीपर रैक का उत्पादन किया जाएगा। इससे लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा के लिए आधुनिक और तेज ट्रेनों का नेटवर्क विस्तारित होगा। इसका उद्देश्य उन मार्गों पर यात्रियों को तेज सेवा प्रदान करना है जहां यात्रियों को रातभर का सफर करना पड़ता है।
कौन बनाएगा कितने रेक?
मौजूदा योजना के अनुसार, विभिन्न कंपनियों और उत्पादन इकाइयों द्वारा 260 वंदे भारत स्लीपर रेक का निर्माण किया जाएगा। भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) 10, चेन्नई इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) 50, किनेट रेलवे सॉल्यूशंस (केआरएस) 120 और टीटागढ़-बीएचईएल 80 रेक का निर्माण करेगी। बीईएमएल को शुरुआती 10 ट्रेनसेट बनाने का काम सौंपा गया है। ये ट्रेनें 16 कोच वाली होंगी। आईसीएफ चेन्नई 50 ट्रेनसेट का निर्माण करेगी। आईसीएफ के 24 कोच वाले सेट में एक पैंट्री कार भी शामिल होगी। अधिकारियों के अनुसार, इनके उत्पादन के लिए ड्राइंग तैयार कर ली गई हैं।
लातूर में बनेंगे 120 ट्रेनसेट
रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) और रूसी कंपनी ट्रांसमाशहोल्डिंग (TMH) के संयुक्त उद्यम, काइनेट रेलवे सॉल्यूशंस द्वारा 120 ट्रेनसेट का उत्पादन किया जाएगा। ये सभी ट्रेनसेट लातूर में बनाए जाएंगे और प्रत्येक ट्रेन में 16 कोच होंगे। आरवीएनएल के अनुसार, उत्पादन शुरू हो चुका है। कंपनी की 23वीं वार्षिक आम बैठक में अध्यक्ष सलीम अहमद ने बताया कि प्रोटोटाइप तैयार करने की समय सीमा में संशोधन किया गया है। पहले जून 2026 तक तैयार होने वाली यह समय सीमा अब बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी गई है।
180 Kmph स्पीड से डिजाइन
वंदे भारत स्लीपर को अर्ध-उच्च गति वाली रात्रिकालीन ट्रेन के रूप में डिज़ाइन किया गया है। इसकी डिजाइन गति 180 किमी प्रति घंटा है, जबकि मार्ग और रेलवे बुनियादी ढांचे के आधार पर वास्तविक परिचालन गति 160 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। पारंपरिक लोकोमोटिव-चालित ट्रेनों के विपरीत, वंदे भारत स्लीपर एक वितरित विद्युत प्रणाली का उपयोग करती है। इस तकनीक में ट्रेन के डिब्बो को एक अलग इंजन नहीं खींचता बल्कि ट्रेन के हर कोच में एक्सिलरेशन सिस्टम लगा होता है। यानी हर कोच अपने आप में इंजन का काम करता है। इससे वंदे भारत ट्रेन तेजी से रफ्तार पकड़ सकती है और जल्दी ब्रेक लगा सकती है। इस तकनीक से ट्रेन को अपनी एवरेज स्पीड बढ़ाने और ट्रैवल टाइम करने में मदद मिलती है।
16 कोच वाले प्रोटोटाइप में क्या खास?
वंदे भारत स्लीपर को एक सेमी-हाई-स्पीड वाली रात्रिकालीन ट्रेन के रूप में विकसित किया गया है, और इसके डिजाइन में आधुनिक यूरोपीय रेल प्रणालियों से प्रेरित तकनीकी विशेषताएं शामिल हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को राजधानी ट्रेनों की तुलना में बेहतर सुविधाएं और हवाई जहाज जैसी विलासिता का अनुभव मिलेगा। मौजूदा 16-कोच प्रोटोटाइप में 11 एसी 3-टियर, 4 एसी 2-टियर और 1 एसी फर्स्ट क्लास कोच शामिल हैं। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुशन वाली बर्थ और ऊपरी बर्थ तक पहुंचने के लिए नया डिजाइन दिया गया है। रात की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए ट्रेन में नाइट लाइटिंग, इंटीग्रेटेड अनाउंसमेंट सिस्टम, डिस्प्ले पैनल, CCTV, मॉड्यूलर पैंट्री, रीडिंग लाइट, चार्जिंग पॉइंट और रिफ्रेशमेंट टेबल जैसी सुविधाएं दी गई हैं।
वंदे भारत स्लीपर की सेफ्टी पर भी जोर
वंदे भारत स्लीपर कोचों में सीलबंद गलियारे और स्वचालित इंटरकनेक्टिंग दरवाजे लगे हैं। निर्धारित स्टेशनों पर खुलने वाले स्वचालित दरवाजे भी उपलब्ध हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए बायो-वैक्यूम शौचालय और दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग वॉशरूम उपलब्ध कराए गए हैं। फर्स्ट क्लास एसी कोचों में शॉवर और गर्म पानी की सुविधा भी है। सुरक्षा के लिहाज से, ट्रेन में कवच, रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम, सेंट्रलाइज्ड कोच मॉनिटरिंग सिस्टम और आपातकालीन संचार प्रणाली जैसी सुविधाएं शामिल हैं। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का विस्तार लंबी दूरी के यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है। हालांकि, नई सेवाएं शुरू होने से पहले प्रोटोटाइप परीक्षण, प्रमाणीकरण और रूट की तैयारी पूरी करनी होगी। (एजेंसी)

