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AAP नेता सत्येंद्र जैन को बड़ी राहत, दिल्ली जल बोर्ड भ्रष्टाचार मामले में मिली जमानत

Delhi Jal Board Tender Scam: आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने जमानत दे दी है। अदालत ने गुरुवार को दिल्ली जल बोर्ड में कथित अनियमितताओं से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में उन्हें जमानत दी। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए इंस्टाग्राम पर लिखा, “सत्यमेव जयते।” सत्येंद्र जैन को 18 अगस्त को दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी शाखा (ACB) ने गिरफ्तार किया था।उनको दिल्ली जल बोर्ड के STP टेंडर में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में अरेस्ट किया गया था। जैन समेत 6 लोग इस मामले में गिरफ्तार किए गए थे। विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) दिग्विनय सिंह ने जैन की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें दो लाख रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि के दो श्योरिटी जमा करने की शर्त पर जमानत दी।

जानिए सत्येंद्र जैन पर क्या है आरोप?

सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड की एसटीपी परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के संबंध में भ्रष्टाचार विरोधी शाखा (एसीबी) द्वारा 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जैन के वकील की दलील

जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान, सत्येंद्र जैन का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने तर्क दिया कि एफआईआर दर्ज होने के लगभग 27 महीने बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान जैन को केवल एक बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था, और दूसरी बार बुलाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जैन के वकील ने अदालत से कहा कि मामले से संबंधित सभी सामग्री दस्तावेजी प्रकृति की है और जांच एजेंसियां पहले ही सभी प्रासंगिक दस्तावेज और सामग्री अपने कब्जे में ले चुकी हैं। ऐसे में आरोपी को हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है।

ACB ने जमानत का किया विरोध

इसी बीच, एसीबी ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत के समक्ष दावा किया कि सत्येंद्र जैन एक आदतन अपराधी है और जमानत याचिका पर निर्णय लेते समय इस पहलू को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

सत्येंद्र जैन पर कब दर्ज हुआ था मामला?

दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर मई 2024 में मामला दर्ज किया गया था। इसमें दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजनाओं के उन्नयन से संबंधित अनुबंधों में निविदा शर्तों में कथित हेरफेर, आपराधिक साजिश और रिश्वतखोरी के आरोप लगाए गए हैं। इससे पहले, 19 अगस्त को अदालत ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने से इनकार कर दिया था। गुरुवार के अदालत के आदेश के बाद, सत्येंद्र जैन को इस मामले में जमानत मिल गई है। (एजेंसी)

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