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धार्मिक नगरी चित्रकूट में जल-प्रलय का तांडव: भरभराकर टूटा रामघाट का बड़ा पुल, 400 दुकानें डूबीं

चित्रकूट/सतना। सतना जिले की पावन तपोभूमि चित्रकूट में मूसलाधार बारिश ने विकराल रूप ले लिया है। पिछले 14 घंटों से जारी बारिश के कारण मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। नदी के प्रचंड बहाव ने रामघाट पर स्थित लगभग 25 फीट ऊंचे बड़े पुल को अपनी चपेट में ले लिया। पानी के भारी दबाव के चलते पुल के टूटने और उसकी रेलिंग बहने से पूरे इलाके में हाहाकार मच गया है। पुल टूटने की खबर मिलते ही घाट और आसपास के रिहायशी इलाकों में दहशत का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी इलाकों की ओर दौड़ पड़े।

25 फीट ऊंचा बड़ा पुल भी नहीं टिक पाया

रामघाट पर बना यह बड़ा पुल आम तौर पर भारी जलभराव के दौरान भी सुरक्षित रहता था, लेकिन इस बार पानी का वेग इतना भयानक था कि पुल टिक नहीं सका। पुल के क्षतिग्रस्त होने से दोनों किनारों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। नदी के तेज बहाव में दुकानों का सामान, लकड़ी के ढांचे और पुल के हिस्से बहते नजर आ रहे हैं। प्रशासन ने रामघाट की ओर जाने वाले सभी मुख्य रास्तों पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

400 से ज्यादा दुकानें डूबीं, सड़कों पर चलीं नावें

मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से घाट किनारे का पूरा कारोबारी इलाका जलमग्न हो गया है:

व्यापारियों पर आफत: रामघाट और भरत घाट के किनारे सजीं 400 से अधिक दुकानें पूरी तरह डूब चुकी हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों को लाखों का नुकसान हुआ है।

सड़कों पर नावें: चित्रकूट की मुख्य सड़कों और गलियों में कई फीट पानी भर जाने के कारण रेस्क्यू के लिए नावें चलानी पड़ रही हैं। नयागांव स्थित राजमहल के परिसर तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है।

धार्मिक स्थल प्रभावित: आरोग्यधाम, गुप्त गोदावरी, सती अनुसुइया आश्रम और परिक्रमा मार्ग स्थित पुरानी लंका तिराहा भारी जलभराव की चपेट में हैं।

3 जगह से कटा सतना-चित्रकूट संपर्क, ट्रेनें भी प्रभावित

सतना से चित्रकूट आने वाला मुख्य सड़क मार्ग तीन अलग-अलग स्थानों पर पानी भरने से पूरी तरह बंद हो गया है, जिसके चलते राहत दलों को मौके पर पहुंचने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। मझगवां के पास रेलवे ट्रैक पर पानी आ जाने के कारण आनंद विहार-रीवा एक्सप्रेस को बीच रास्ते ही रोकना पड़ा।

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