‘अगर SC/ST का अपमान असंवैधानिक है, तो ब्राह्मणों का भी…’, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर गरजे बाबा रामदेव
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण और अन्य मुद्दों को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच योगगुरु बाबा रामदेव ने रविवार को कई ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने संविधान, SC/ST और ब्राह्मणों के सम्मान, ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ और ‘वंदे मातरम’ को लेकर अहम बयान दिए।
‘ब्राह्मणों का अपमान भी संविधान के खिलाफ’
बाबा रामदेव ने समाज के हर वर्ग के साथ हो रहे अन्याय पर चिंता जताते हुए कहा कि आज छात्रों, मरीजों, किसानों और जवानों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया, “अगर आज कोई SC/ST व्यक्ति का अपमान करता है, तो हर कोई संविधान की बात करता है। ठीक इसी तरह, यदि SC/ST का अपमान संविधान के खिलाफ है, तो ब्राह्मण का अपमान भी असंवैधानिक है।”
‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ का पुरजोर समर्थन
योगगुरु ने देशभर में एक साथ चुनाव कराने की वकालत करते हुए इसे देश के विकास के लिए जरूरी बताया। रामदेव ने कहा कि हर कुछ महीनों में चुनाव होने से शिक्षा व्यवस्था बाधित होती है। ‘एक देश, एक चुनाव’ लागू होने से न सिर्फ शिक्षा में सुधार होगा, बल्कि विकास की गति भी तेज होगी।
हंगामे पर सख्त ऐतराज
छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों पर सवाल उठाते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि लोकतंत्र को बंधक नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि आंदोलनों में नाबालिग बच्चों को आगे नहीं करना चाहिए। अगर किसी के साथ अन्याय हुआ है, तो 18 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएं।
‘वंदे मातरम’ पर दिया कड़ा जवाब
‘वंदे मातरम’ को लेकर चल रहे विवादों पर भी बाबा रामदेव ने अपनी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हम भारत माता को दुर्गा और लक्ष्मी के रूप में पूजते हैं। जो लोग इसमें देवी-देवताओं या मंदिरों का जिक्र देखते हैं, वे असल में हमारी संस्कृति और संस्कृत भाषा से पूरी तरह कटे हुए हैं। उन्हें संस्कृत का थोड़ा और अध्ययन करना चाहिए।

