रांची में छात्रों का आंदोलन जारी, देशभर से मिला समर्थन, CJP नेता आज पहुंचेंगे
Ranchi protest: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया। इस बीच, इस आंदोलन को देश भर से समर्थन मिलना शुरू हो गया है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने उन प्रदर्शनकारियों के लिए रेनकोट भेजे हैं जो खराब मौसम के बावजूद डटे हुए हैं। CJP का नेतृत्व आज छात्रों से मिलने रांची पहुंचने वाला है।
प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच देर रात बातचीत हुई, लेकिन प्रतिनिधिमंडल के गठन को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई। उम्मीद है कि सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच दोपहर में बातचीत होगी।रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे धरने के दौरान छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं। यह आंदोलन 25 जुलाई को JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले शुरू हुआ था और इसे हाल के वर्षों में झारखंड के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक माना जा रहा है।
प्रदर्शनकारी 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और इस मामले की CBI या राज्य के बाहर के रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों की समिति से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। रांची के SDO कुमार रजत और ADM (लॉ एंड ऑर्डर) धनंजय कुमार गुरुवार रात करीब 10:30 बजे विरोध स्थल पर पहुंचे। प्रशासन ने कहा कि सरकार सिर्फ छात्र प्रतिनिधियों से बात करेगी, जबकि छात्र अपने 11 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल पर अड़े रहे। उनकी मांग थी कि इस प्रतिनिधिमंडल में एक पत्रकार और एक वकील भी शामिल हों।
देर रात तक बातचीत चलने के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकला। छात्र नेता रवींद्र पासवान के अनुसार, SDO ने सकारात्मक रुख अपनाने का भरोसा दिया, लेकिन आगे की बातचीत के लिए कोई समय तय नहीं किया गया। इस आंदोलन का असर विधानसभा तक पहुंचा, जहां विपक्ष के विधायकों ने मास्क पहने, नारे लगाए और CBI जांच की अपनी मांग दोहराई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है। इस बीच, भूख हड़ताल पर बैठे नेता देवेंद्रनाथ महतो की तबीयत बिगड़ने पर सोनम वांगचुक ने उनसे फोन पर बात की और उनसे पानी पीने का आग्रह किया। CID जांच के सिलसिले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।(एजेंसी)

