Wed. Jul 29th, 2026

राम मंदिर ट्रस्ट के नए सचिव जगदीश आफले, आखिर CEO से पहले सचिव की नियुक्ति क्यों है अहम?

Ram Mandir Secretary: राम मंदिर दान चोरी मामले के बाद, ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में लगातार बदलाव हो रहे हैं। इसी क्रम में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति से पहले एक सचिव की नियुक्ति करने का निर्णय लिया है। जगदीश आफले को इस पद के लिए चुना गया है। ट्रस्ट 2 सितंबर को एक बैठक में उनकी नियुक्ति की औपचारिक घोषणा करेगा। वे न केवल सचिव हैं, बल्कि उन्हें भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में ट्रस्ट के बैंक खातों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के रूप में भी नियुक्त किया गया है। इस प्रकार, मंदिर के प्रशासनिक और वित्तीय दोनों कार्यों में उनकी भूमिका अब अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

जानिए कौन हैं जगदीश आफले?

महाराष्ट्र के पुणे निवासी जगदीश आफले पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक और एम.टेक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम किया, जिनमें यूरोपीय और अमेरिकी कंपनियां भी शामिल हैं, जहां उन्होंने लंबे समय तक सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद, जब राम मंदिर निर्माण प्रक्रिया शुरू हुई, तो उन्होंने अपने पेशेवर अनुभव को मंदिर निर्माण परियोजना में समर्पित कर दिया।बताया जाता है कि उन्होंने बिना वेतन परियोजना प्रबंधक के रूप में जिम्मेदारी संभाली और निर्माण कार्य की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

RSS से पुराना नाता

जगदीश आफले बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े हुए हैं। राम मंदिर निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद, संघ ने उन्हें परियोजना प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी। तब से वे अयोध्या में रह रहे हैं और मंदिर निर्माण कार्यों की देखरेख कर रहे हैं।

CEO से पहले सचिव की नियुक्ति क्यों हुई?

राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO, सचिव और प्रवक्ता जैसे नए प्रशासनिक पद बनाने का फैसला किया था। हालांकि, सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। ट्रस्ट के अनुसार,CEO पद के लिए लगभग 5,200 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली की अध्यक्षता में एक समिति आवेदनों की जांच और चयन प्रक्रिया का संचालन कर रही है। चूंकि इस प्रक्रिया में समय लगने की संभावना है, इसलिए प्रशासनिक कार्यों में कोई बाधा न आए, इसके लिए पहले एक सचिव की नियुक्ति की गई है।

बैंक खातों के संचालन में भी निभाएंगे अहम भूमिका

पूर्व महासचिव चंपत राय और न्यासी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद, न्यास के बैंक खातों के संचालन के लिए नई व्यवस्था की आवश्यकता थी। इसी प्रयास के तहत, न्यास ने भारतीय स्टेट बैंक को जगदीश आफले को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता नियुक्त करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। प्रारंभ में, कुछ कानूनी प्रक्रियाओं के कारण खाते के संचालन में देरी हुई, लेकिन बैंक ने बाद में नए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अब न्यास के खाते सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं।

राम मंदिर दान चोरी के बाद क्यों बढ़ी प्रशासनिक सख्ती?

हाल ही में, राम मंदिर के लिए दान की गई धनराशि की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद, ट्रस्ट के कामकाज पर कई सवाल उठे। इसके बाद, प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने के लिए कदम उठाए गए। सचिव पद का सृजन और नियुक्ति इसी प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है। भविष्य में, ट्रस्ट एक प्रवक्ता भी नियुक्त करेगा ताकि आधिकारिक जानकारी को एक समान प्रणाली के तहत सार्वजनिक किया जा सके।

अब आगे क्या होगा?

जगदीश आफले की नियुक्ति को 2 सितंबर को ट्रस्ट की बैठक में औपचारिक रूप से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद वे सचिव के रूप में अपना कार्यभार संभालेंगे। मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रवक्ता की नियुक्ति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। माना जा रहा है कि इस नई प्रशासनिक संरचना के माध्यम से राम मंदिर ट्रस्ट वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम करेगा। (एजेंसी)

 

About The Author

इन्हें भी पढ़े