NEET-आंदोलन पर अभिनेता Anupam Kher का बड़ा बयान, जानिए क्यों दी छात्रों को सतर्क रहने की सलाह!
Anupam Kher on Jantar-Mantar Protest: नीट विवाद (NEET Controversy) और जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन को लेकर बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर ने एक भावुक वीडियो संदेश जारी किया है। अनुपम खेर ने छात्रों के प्रति गहरी संवेदना और समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदर्शनों की तस्वीरें देखकर उन्हें बेहद दुख और चिंता हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र को अपनी जायज बात रखने के लिए ऐसी कष्टदायक परिस्थितियों से नहीं गुजरना चाहिए।
‘मैं भी कभी छात्र रहा हूँ, आपकी बेचैनी समझता हूँ’
अपने वीडियो संदेश में अनुपम खेर ने कहा कि वह भी कभी छात्र रहे हैं, इसलिए वे युवाओं की बेचैनी, उनके गुस्से और उनकी उम्मीदों को बहुत अच्छी तरह से समझते हैं। उन्होंने कहा:
छात्र आंदोलन समाज की सबसे सच्ची और पवित्र आवाज होते हैं।
इन आंदोलनों में कोई निजी स्वार्थ नहीं होता, बल्कि युवा केवल अपने भविष्य और अधिकारों की चिंता करते हैं।
लोकतंत्र में सवाल पूछना, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना और अपनी बात मजबूती से रखना हर छात्र का संवैधानिक अधिकार है।
राजनीतिक हस्तक्षेप से सावधान रहने की नसीहत
छात्रों का समर्थन करने के साथ-साथ अनुपम खेर ने उन्हें एक बेहद महत्वपूर्ण और सतर्क करने वाली सलाह भी दी। उन्होंने इशारों-इशारों में निशाना साधते हुए कहा कि जब किसी छात्र आंदोलन में बाहरी लोग या राजनीतिक अवसरवादी शामिल होने लगें, तो छात्रों को तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए।
उन्होंने समझाया कि कई बार जब आंदोलन में बड़ी संख्या में लोग जुड़ते हैं, तो ऐसा लगता है कि ताकत बढ़ रही है। लेकिन वास्तव में, यही बाहरी लोग बाद में आंदोलन के मूल उद्देश्य को भटका या बदल सकते हैं। ऐसे लोग छात्रों के हक की आवाज बनने नहीं, बल्कि अपने निजी राजनीतिक हित साधने के लिए आते हैं।
स्वतंत्र सोच और विवेक से रखें अपनी बात
अनुपम खेर ने छात्रों से अपील की कि वे निडर होकर अपनी बात रखें, लेकिन इसके साथ यह जिम्मेदारी भी समझें कि उनकी आवाज की बागडोर किसी और के हाथ में न जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने विवेक, आत्मसम्मान और स्वतंत्र सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
वीडियो के साथ साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने लिखा कि छात्र किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी उम्मीद होते हैं, इसलिए उनकी आवाज को पूरी गंभीरता से सुना, समझा और सम्मान दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका यह संदेश किसी भी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से देश के युवाओं के भविष्य के समर्थन में है।

