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ट्रंप का बड़ा आरोप, चीन ने चुराया 22 करोड़ अमेरिकी वोटर्स का डेटा

2020 चुनाव में धांधली का दावा, FBI-CIA पर जानकारी छिपाने का आरोप, गैर-नागरिक वोटर्स को लेकर भी उठाए सवाल

 

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटर्स का डेटा चुरा लिया था। ट्रंप ने कहा कि इस मामले से जुड़ी अहम खुफिया जानकारी राष्ट्रपति, कांग्रेस और अमेरिकी जनता से छिपाई गई।

 

17 जुलाई को राष्ट्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि डिक्लासिफाई किए गए दस्तावेजों के अनुसार चीन ने 18 अमेरिकी राज्यों के वोटर डेटा तक पहुंच बनाई थी। उनके मुताबिक इस डेटा में मतदाताओं के नाम, पते, फोन नंबर, राजनीतिक दलों की प्राथमिकताएं और अन्य संवेदनशील जानकारियां शामिल थीं, जिनका गलत इस्तेमाल किया जा सकता था।

 

ट्रंप ने FBI और CIA पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों और तथाकथित डीप स्टेट ने इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी चुनावी व्यवस्था लंबे समय से साइबर हमलों के खतरे का सामना कर रही है और चीन समेत कई विरोधी देश चुनावी ढांचे को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।

 

अपने संबोधन में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि चीन चाहता था कि वह अगला राष्ट्रपति चुनाव हार जाएं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के चुनावी सिस्टम पर रूस, चीन, ईरान, उत्तर कोरिया और कुछ गैर-राज्य समूहों से लगातार खतरा बना हुआ है।

 

इसके अलावा ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका में करीब 2.78 लाख गैर-नागरिक वोटर के रूप में पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि यह जानकारी अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग की वोटर सूची और सार्वजनिक रिकॉर्ड की जांच के आधार पर सामने आई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कई डेमोक्रेट शासित राज्यों ने अपना वोटर डेटा साझा नहीं किया, जिससे वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है।

 

 

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