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होर्मुज को फिर चोक करेगा ईरान? US हमले के बाद कुवैत, UAE और ओमान हाई अलर्ट पर

तेहरान : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए हमले के बाद, अमेरिकी सेना ने कई ईरानी सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं। इस घटना ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग पर संकट को और गहरा कर दिया है। एक बड़े युद्ध के खतरे के मंडराने के साथ, होर्मुज जलडमरूमध्य के अवरुद्ध होने की आशंका बढ़ती जा रही है।

अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहे तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई थी। अमेरिका का आरोप है कि ईरान की ये कार्रवाई युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करती हैं और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए खतरा हैं। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट और ओमान के तट के पास तीन टैंकरों पर अलग-अलग हमले हुए। इनमें एक एलएनजी टैंकर के इंजन रूम में प्रोजेक्टाइल लगने से आग लग गई। बाकी दो जहाज भी क्षतिग्रस्त हुए, लेकिन सभी चालक दल सुरक्षित हैं।

अमेरिका ने ईरान के फिर तेल बेचने पर लगाया बैन

हमलों के बाद, अमेरिका ने पिछले महीने दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते के तहत ईरान को दी गई 60 दिनों की तेल बिक्री छूट को रद्द कर दिया। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में यह छूट देना संभव नहीं था। संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संस्था IMO का कहना है कि अप्रैल के बाद पहली बार एक ही दिन में इतने बड़े स्तर पर जहाजों पर हमले हुए हैं। इससे पूरी दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। विश्व के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन इसी मार्ग से होता है। सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश अपने अधिकांश तेल का निर्यात इसी मार्ग से करते हैं। यदि यातायात बाधित होता है, तो वैश्विक तेल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं।

होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को खतरा, यूएस ने किया अलर्ट

तनाव बढ़ने के बाद, अमेरिकी नौसेना की निगरानी करने वाले संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र (जेएमआईसी) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरे का स्तर बढ़ा दिया है। जहाजों को अधिक सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। समुद्री एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में नौसैनिक गश्त और सुरक्षा जांच और बढ़ सकती है।

ईरान पहले भी यह कहता रहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करना चाहिए। जिन जहाजों पर हमला हुआ वे ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के पास से गुजरने वाले वैकल्पिक मार्ग से यात्रा कर रहे थे। इसलिए, यह संदेह है कि हमले का उद्देश्य अन्य जहाजों को चेतावनी देना था। हालांकि, ईरान ने अभी तक इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।

कतर ने अपने टैंकर पर हुए हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। बहरीन ने भी सऊदी अरब और कतर के जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की है और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

इस बीच, परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत फिलहाल रूकती हुई नजर आ रही है। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने से खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर अनिश्चितता का माहौल बन गया है। हालांकि, अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के कारण दोनों देशों के बीच वार्ता फिलहाल स्थगित है। (एजेंसी)

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