उरला फैक्ट्री हादसे पर बड़ा एक्शन, थ्री डी फैक्ट्री पर बैन,CM साय ने 30 लाख मुआवजे का किया ऐलान
3D Factory Ban: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र में स्थित 3डी फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। इस दुर्घटना में तीन श्रमिकों की मौत के बाद फैक्ट्री का कामकाज तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने और सुरक्षा मानकों की समीक्षा होने तक फैक्ट्री में कोई उत्पादन नहीं होगा। सरकार ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही मृतक मजदूरों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है। उद्योग विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि उरला स्थित 3डी फैक्ट्री में फेरो अलॉय का उत्पादन होता है। मंगलवार शाम करीब छह बजे, फैक्ट्री के फेरोअलॉय विभाग द्वारा संचालित फर्नेस में लान्सिंग का काम चल रहा था। अचानक, ऑक्सीजन सिलेंडर में एक जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज आसपास के इलाकों में सुनाई दी। हादसे में तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य कर्मचारियों में भी अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
सरकार का फैसला, फैक्ट्री पर तत्काल प्रतिबंध
दुर्घटना के बाद, राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत 3डी फैक्ट्री का संचालन रोक दिया। अधिकारियों का कहना है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, यह निर्धारित करने के लिए विस्तृत जांच की जाएगी। आगे के निर्णय जांच पूरी होने और आवश्यक सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने के बाद ही लिए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मृतकों के परिवारों को 30 लाख रुपये की सहायता राशि
राज्य सरकार और फैक्ट्री प्रबंधन ने दुर्घटना में जान गंवाने वाले तीनों श्रमिकों के परिवारों को 30 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है।सरकार का कहना है कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
उरला फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद, राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जा सकती है। सरकार ने संकेत दिया है कि विभिन्न कारखानों में सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेष निरीक्षण किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि भारी उद्योगों में ऑक्सीजन सिलेंडर, भट्टियों और अन्य संवेदनशील उपकरणों के संचालन के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना आवश्यक है। मामूली लापरवाही भी एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया दुख
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साई ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्घटना के तुरंत बाद कारखाने को बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जा रहा है और सरकार मामले की गहन जांच कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए राज्य के सभी उद्योगों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन बोले- दोषियों पर होगी कार्रवाई
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने भी इस दुर्घटना को बेहद दुखद बताया और कहा कि 3डी फैक्ट्री को तुरंत बंद कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि घटना की विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि यदि जांच रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
प्रशासन और संबंधित विभाग फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट से यह निर्धारित होगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि या सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के कारण हुई थी या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।(एजेंसी)

