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Satluj Controversy: फिल्म ‘सतलज’ को ZEE5 से क्यों हटाया गया? केंद्र सरकार ने पहली बार तोड़ी चुप्पी, सामने आई असली वजह!

Satluj Controversy: ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 से अभिनेता दिलजीत दोसांझ की चर्चित फिल्म ‘सतलज’ को अचानक हटाए जाने का विवाद अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक घमासान में तब्दील हो चुका है। जहाँ एक तरफ विपक्ष और सोशल मीडिया पर सेंसरशिप को लेकर सरकार को घेरा जा रहा था, वहीं अब इस पूरे मामले में केंद्र सरकार का आधिकारिक पक्ष सामने आ गया है। सरकार ने साफ किया है कि यह कदम देश की सुरक्षा और दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के चलते उठाया गया है।

सुरक्षा कारणों से सरकार ने दिया निर्देश

न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) ने सरकारी सूत्रों के हवाले से पुष्टि की है कि फिल्म ‘सतलज’ को सुरक्षा कारणों से ओटीटी से हटाने का निर्देश दिया गया था। अधिकारी ने बताया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से हमेशा यह उम्मीद की जाती है कि वे सरकार के दिशा-निर्देशों का जिम्मेदारी से पालन करें।

अधिकारी के मुताबिक, “यह फिल्म साल 2022 में ‘पंजाब ’95’ के नाम से रिलीज होने वाली थी। उस समय सेंसर बोर्ड (CBFC) ने इसे सर्टिफिकेट देने के लिए 127 कट सुझाए थे, जिसे फिल्म निर्माताओं ने स्वीकार नहीं किया और फिल्म की रिलीज अटक गई। इसके बाद, मेकर्स ने चालाकी दिखाई और सेंसर बोर्ड के अधिकार क्षेत्र से बाहर होने का फायदा उठाकर इसे नए नाम ‘सतलज’ के साथ बिना किसी कट के चुपके से ओटीटी पर रिलीज कर दिया। जैसे ही यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, जी5 को इसे तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया।”

किस मुद्दे पर बनी है फिल्म जो सरकार को लगी संवेदनशील?

दिलजीत दोसांझ की यह फिल्म पंजाब के प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है। फिल्म में 1984 से 1994 के बीच पंजाब में कथित रूप से हुए फर्जी मुठभेड़ों और हजारों अज्ञात लोगों के लापता होने के बाद उनके अंतिम संस्कार जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दों को दिखाया गया है।

जसवंत सिंह खालरा ने जब इस मामले की जांच कर इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाया, तो 6 सितंबर 1995 को अमृतसर के कबीर पार्क स्थित उनके घर के बाहर से पंजाब पुलिस द्वारा कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया गया, जिसके बाद वे कभी नहीं देखे गए। सरकार का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे को बिना सुधार के दिखाने से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

दिलजीत दोसांझ ने कहा- “मुझे पहले से था अंदाजा”

इस पूरे बैन पर अमेरिका से इंस्टाग्राम लाइव के जरिए अपनी प्रतिक्रिया देते हुए दिलजीत दोसांझ ने कहा, “मुझे शुक्रवार को रिलीज के दिन ही अहसास हो गया था कि ऐसा कुछ होने वाला है। यह बात मेरे मन में पहले से थी, इसलिए फिल्म पर रोक लगने से मुझे कोई झटका नहीं लगा। मुझे लगा था कि सोमवार को सरकारी दफ्तर खुलने के बाद कार्रवाई होगी, लेकिन इन्होंने रविवार को ही इसे हटा दिया।”

दिलजीत ने आगे कहा, “संतोष इस बात का है कि लोगों ने फिल्म देख ली। जितनी ज्यादा कोशिश इस फिल्म को रोकने की होगी, यह उतनी ही ज्यादा लोकप्रिय होती जाएगी।”

ZEE5 का क्या है कहना?

मामले के तूल पकड़ने पर जी5 ने रविवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, “फिलहाल की असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए, ‘सतलज’ अगली सूचना तक भारत में उपलब्ध नहीं होगी। हम सही कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए फिल्म को जल्द से जल्द अपने दर्शकों के बीच वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

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