बांकीपुर उपचुनाव में BJP का बड़ा दांव, अभिषेक सिन्हा ‘बंटी’ को बनाया उम्मीदवार
बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी है। पार्टी ने संगठन से जुड़े पुराने कार्यकर्ता अभिषेक सिन्हा उर्फ बंटी को मैदान में उतारा है। टिकट के लिए कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में थे, लेकिन अंततः भाजपा ने संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे चेहरे पर भरोसा जताया। माना जा रहा है कि इस फैसले के पीछे संगठनात्मक अनुभव के साथ-साथ सीट का सामाजिक समीकरण भी अहम भूमिका में रहा।
क्यों मिला अभिषेक सिन्हा को टिकट?
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक बांकीपुर सीट पर कायस्थ मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इस समुदाय की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत मानी जाती है। भाजपा इस सीट पर अपने पारंपरिक वोट बैंक को बनाए रखना चाहती थी, इसलिए पार्टी ने एक बार फिर कायस्थ समाज से आने वाले उम्मीदवार को मौका दिया। अभिषेक सिन्हा की संगठन में सक्रियता और सामाजिक समीकरण दोनों उनके पक्ष में गए।
बूथ अध्यक्ष से उम्मीदवार बनने तक का सफर
अभिषेक सिन्हा पिछले करीब 27 वर्षों से भाजपा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बूथ अध्यक्ष के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने मंडल स्तर से लेकर युवा मोर्चा तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्तमान में वे भाजपा युवा मोर्चा, बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। पार्टी ने उनके संगठनात्मक योगदान को देखते हुए उन्हें चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया है।
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जातीय समीकरण पर टिकी चुनावी रणनीति
बांकीपुर सीट का चुनाव हमेशा सामाजिक समीकरणों के कारण चर्चा में रहता है। यहां कायस्थ, यादव, मुस्लिम, वैश्य, भूमिहार, दलित, ब्राह्मण और अन्य समुदायों के वोट चुनाव परिणाम पर प्रभाव डालते हैं। भाजपा ने उम्मीदवार चयन में इसी समीकरण को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाई है।
रोचक होगा मुकाबला
इस उपचुनाव में मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है। भाजपा के अभिषेक सिन्हा का सामना राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की रेखा गुप्ता और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से होगा। ऐसे में राजधानी की यह सीट राज्य के सबसे चर्चित चुनावी मुकाबलों में शामिल हो गई है और सभी दलों की नजर इस पर टिकी हुई है।

