कैबिनेट का बड़ा फैसला: दिल्ली में बनेगी 8 किमी लंबी टनल, कानपुर-कबरई हाईवे भी होगा फोर-लेन
केंद्र सरकार ने देश के सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली और उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने वाली दो अहम सड़क परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक का दबाव कम होने के साथ ही उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सफर भी पहले की तुलना में काफी तेज और आसान हो जाएगा।
दिल्ली में बनेगी 8 किलोमीटर लंबी छह-लेन द्वारका टनल
कैबिनेट ने करीब 6,970 करोड़ रुपये की लागत से 8 किलोमीटर लंबी छह-लेन द्वारका टनल निर्माण परियोजना को स्वीकृति दी है। यह टनल शिवमूर्ति से वसंत कुंज होते हुए बारापुला क्षेत्र तक विकसित की जाएगी। सरकार का अनुमान है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा होने में लगभग पांच वर्ष लगेंगे।
टनल बनने के बाद दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी और एयरपोर्ट सहित कई प्रमुख क्षेत्रों तक पहुंचने में यात्रियों का समय बचेगा। इससे राजधानी की शहरी यातायात व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
कानपुर-कबरई फोर-लेन हाईवे को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के कानपुर से कबरई तक 242 किलोमीटर लंबे फोर-लेन हाईवे निर्माण परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर लगभग 7,145 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे करीब ढाई वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह सड़क भविष्य में भोपाल तक बेहतर सड़क संपर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगी, जिससे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा।
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सफर का समय होगा आधे से भी कम
नई फोर-लेन सड़क बनने के बाद कानपुर से कबरई तक की यात्रा में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। वर्तमान में जहां इस मार्ग को तय करने में करीब साढ़े तीन घंटे लगते हैं, वहीं परियोजना पूरी होने के बाद यही दूरी लगभग डेढ़ घंटे में तय की जा सकेगी। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि दोनों परियोजनाओं के शुरू होने से सड़क परिवहन व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योग, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को मजबूत करने और सुरक्षित व तेज परिवहन उपलब्ध कराने के लक्ष्य को भी बल मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं लंबे समय से लंबित महत्वपूर्ण मांगों को पूरा करेंगी और आने वाले वर्षों में लाखों लोगों को सीधा लाभ पहुंचाएंगी।

