Amarnath Yatra 2026: इस दिन से शुरू हो रही है अमरनाथ यात्रा, जान लें टोकन, रजिस्ट्रेशन और RFID से जुड़े ये बेहद जरूरी नियम
Amarnath Yatra 2026: बाबा बर्फानी के भक्तों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। वर्ष 2026 की वार्षिक अमरनाथ यात्रा आगामी 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है। जम्मू के उपायुक्त (DC) राकेश मिन्हास ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यात्रा की तैयारियों और पंजीकरण (Registration) प्रक्रिया को लेकर बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि मौके पर (On-the-spot) पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं के लिए टोकन वितरण की प्रक्रिया मंगलवार सुबह 6 बजे से शुरू हो जाएगी, जबकि आधिकारिक पंजीकरण और RFID कार्ड जारी करने का काम उसके अगले दिन से शुरू होगा।
3 जुलाई से शुरू होगी 57 दिवसीय यात्रा
करीब 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर की 57 दिवसीय यह वार्षिक यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर रक्षाबंधन तक चलेगी। श्रद्धालु दो पारंपरिक मार्गों से यात्रा कर सकेंगे:
- पहलगाम मार्ग: अनंतनाग जिले का यह पारंपरिक मार्ग 48 किलोमीटर लंबा है।
- बालटाल मार्ग: गांदरबल जिले का यह 14 किलोमीटर लंबा मार्ग छोटा लेकिन काफी दुर्गम है।
यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से कश्मीर के लिए रवाना होगा।
टोकन और रजिस्ट्रेशन के लिए कड़े नियम
डिप्टी कमिश्नर राकेश मिन्हास ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा:
एक व्यक्ति, एक टोकन: प्रत्येक श्रद्धालु को खुद कतार में उपस्थित होना होगा। एक पात्र व्यक्ति को केवल एक ही टोकन मिलेगा। परिवार के सभी सदस्यों को अलग-अलग लाइनों में लगना होगा।
उम्र सीमा: नियमों के तहत 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों और 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
फर्जीवाड़े पर सख्त एक्शन: फर्जी कूपन या कार्ड देकर ठगी करने वाले तत्वों को चेतावनी दी गई है कि उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तवी रिवरफ्रंट पर भव्य इंतजाम, ई-केवाईसी की सुविधा
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार तवी रिवरफ्रंट को मुख्य सुविधा केंद्र बनाया गया है। यहाँ सुबह 6 बजे से 10 काउंटरों के जरिए टोकन बांटे जाएंगे। इसके अलावा यहाँ ई-केवाईसी (e-KYC) और आरएफआईडी (RFID) काउंटर भी स्थापित किए गए हैं। पिछले सालों की तरह गीता भवन, राम मंदिर और भगवती नगर में भी पंजीकरण केंद्र चलेंगे।
तवी रिवरफ्रंट पर करीब 4,000 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है, जहाँ 100 से अधिक शौचालय, चौबीसों घंटे लंगर, बिस्तर और पंखे जैसी आवश्यक सुविधाएं दी गई हैं।
जम्मू में इस बार नहीं बंद होंगी सड़कें
स्थानीय लोगों और पर्यटकों को राहत देते हुए उपायुक्त ने बताया कि इस वर्ष सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के बावजूद शहर की किसी भी सड़क को बंद नहीं किया जाएगा, ताकि सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो। उन्होंने जम्मू के व्यापारियों, होटल मालिकों और दुकानदारों से अपील की है कि वे श्रद्धालुओं से अधिक शुल्क न वसूलें और डोगरा आतिथ्य सत्कार की परंपरा को बनाए रखें।
साथ ही प्रशासन इस बार श्रद्धालुओं को जम्मू के अन्य धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों जैसे- बाहु किला, रणबीरेश्वर मंदिर, रघुनाथ मंदिर, अखनूर किला और चक्कन दा बाग में होने वाले रिट्रीट समारोह के भ्रमण के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।

