इमली की बोरियों के नीचे छिपाकर हो रही थी गांजा तस्करी, 94 किलो गांजा और ट्रक जब्त
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इमली की बोरियों की आड़ में ले जाए जा रहे 94 किलो गांजे को जब्त किया। मामले में झारखंड और मध्य प्रदेश के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 94 किलो अवैध गांजा, एक आयशर ट्रक और तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 9.40 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई डोंगरीपाली थाना क्षेत्र में मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। 29 जून को सुहेला-बरमकेला मुख्य मार्ग स्थित डोंगरीपाली मोड़ के पास पुलिस ने घेराबंदी कर ओडिशा की ओर से आ रहे आयशर ट्रक (UP30 DT 5256) को रोककर उसकी तलाशी ली।
इमली की बोरियों के नीचे छिपाया था गांजा
तलाशी के दौरान ट्रक में करीब 12 टन इमली की बोरियां लोड थीं। जांच करने पर पुलिस को बोरियों के नीचे बड़ी मात्रा में छिपाकर रखा गया 94 किलो अवैध गांजा मिला। तस्करों ने गांजे को इमली की खेप की आड़ में छिपाकर ले जाने की कोशिश की थी, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।
दो अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार
इस कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झारखंड निवासी जगत मोदक और मध्य प्रदेश निवासी सुनील बर्मा के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ की जा रही है ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क और अन्य जुड़े लोगों की जानकारी मिल सके।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही जब्त ट्रक, गांजा और मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच
प्रारंभिक जांच में यह मामला अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी से जुड़ा माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच जारी है।

