अयोध्या बार एसोसिएशन का फैसला, राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगे वकील
Ram Mandir Daan Chori: राम मंदिर के लिए चंदे की कथित हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार आरोपियों को अयोध्या में वकील मिलने की संभावना कम है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने रविवार को यह घोषणा की। फैजाबाद बार एसोसिएशन की अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर चंदे की हेराफेरी के मामले में आरोपियों का केस लड़ने का अंतिम निर्णय सोमवार को होने वाली संगठन की आम बैठक में लिया जाएगा। आज (29 जून) यह निर्णय लिया गया है कि राम मंदिर चंदे की हेराफेरी के मामले में आरोपियों का केस वकील नहीं लड़ेंगे। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर दान घोटाला मामले को लेकर स्थानीय वकीलों ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने साफ कह दिया है कि इस मामले के आरोपियों का केस अयोध्या का कोई भी वकील नहीं लड़ेगा। अगर किसी वकील ने इस नियम का उल्लंघन किया, तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अयोध्या के वकीलों ने 2005 में भी ऐसा ही फैसला लिया था, जब उन्होंने राम जन्मभूमि परिसर पर हुए आतंकवादी हमले के आरोपियों की पैरवी न करने का निर्णय लिया था। बार एसोसिएशन के सूत्रों के अनुसार, जिले के वकील राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी से बेहद नाराज हैं और इस मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने कहा, ‘मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी की घटना से हम सभी आहत हैं। फैजाबाद के अधिवक्ताओं ने आरोपियों की पैरवी नहीं करने पर सहमति जताई है। इस संबंध में अंतिम निर्णय आम सभा की बैठक में लिया जाएगा। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस बीच, कई अधिवक्ताओं ने आरोपियों को कथित तौर पर ‘‘गुपचुप तरीके’’ से रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने पर भी नाराजगी जताई।
चोरी से अयोध्यावासियों की छवि पूरी दुनिया में धूमिल हुई
अधिवक्ता विवेक कुमार सिंह ने तर्क दिया कि पुलिस को भारी सुरक्षा के बीच आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं करना चाहिए था। उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल की तरह, उन्हें पहले सार्वजनिक रूप से पेश किया जाना चाहिए था। वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा, “कुछ व्यक्तियों के कृत्यों ने अयोध्यावासियों की छवि को विश्व स्तर पर धूमिल कर दिया है। इन आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।”
आरोपियों का केस लड़ने वाले पर 5 लाख का जुर्माना
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अयोध्या का कोई भी वकील इन आरोपियों की तरफ से कोर्ट में खड़ा नहीं होगा। अगर कोई भी वकील इस फैसले के खिलाफ जाकर आरोपियों का केस लड़ता है या उनकी मदद करता है, तो उस पर 5,00,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। (एजेंसी)

