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तेल बाजार को बड़ी राहत! अमेरिका-ईरान समझौते के बाद खुला होर्मुज स्ट्रेट

डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम और नौसैनिक नाकेबंदी हटाने का किया ऐलान, कतर की मध्यस्थता में बनी सहमति

 

करीब 107 दिनों तक चले भीषण संघर्ष के बाद अमेरिका और ईरान के बीच शांति की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। दोनों देशों ने युद्धविराम, सैन्य अभियानों को रोकने और वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने पर सहमति जताई है। इस समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में औपचारिक हस्ताक्षर किए जाने की तैयारी है।

 

ट्रंप का बड़ा ऐलान

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरान के साथ वार्ता सफल रही है और समुद्री मार्गों को फिर से खोलने का फैसला लिया गया है। ट्रंप ने कहा कि तेल से लदे कई जहाज अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित रूप से गुजर रहे हैं और समुद्री यातायात सामान्य होने लगा है।

 

उन्होंने कहा, “ईरान के साथ समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है। सभी को बधाई। मैंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तत्काल प्रभाव से मुक्त आवाजाही के लिए खोलने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की मंजूरी दे दी है।”

 

ईरान पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी

 

ट्रंप ने कहा कि समझौते से जुड़े दस्तावेज जल्द सार्वजनिक किए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और उसे परमाणु हथियार विकसित नहीं करने दिया जाएगा। ट्रंप ने दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों की उम्मीद भी जताई।

 

वैश्विक अर्थव्यवस्था को मिलेगी राहत

 

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। इसके दोबारा खुलने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता आने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।

 

अमेरिका ने यह भी संकेत दिया है कि वह ईरान पर लगाए गए कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दे सकता है। इससे युद्ध से प्रभावित ईरानी अर्थव्यवस्था को राहत मिलने और तेल निर्यात में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।

 

कतर की मध्यस्थता से बनी सहमति

 

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टेलीविजन पर समझौते की पुष्टि करते हुए बताया कि कतर की मध्यस्थता में तेहरान में 14 घंटे से अधिक चली मैराथन वार्ता के बाद यह सहमति बनी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि औपचारिक हस्ताक्षर से पहले ईरान इस समझौते को लागू नहीं करेगा।

 

19 जून को जिनेवा में होंगे हस्ताक्षर

 

समझौते पर 19 जून को जिनेवा में हस्ताक्षर किए जाने हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि यह फिलहाल एक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट माना जा रहा है, लेकिन फरवरी में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुए संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में इसे सबसे बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है। इस युद्ध में हजारों लोगों की मौत हुई और वैश्विक ऊर्जा बाजार भी बुरी तरह प्रभावित हुए थे।

 

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