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महंगाई के बीच उज्ज्वला योजना में बड़ा बदलाव, सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर घटे, राहुल गांधी ने केंद्र पर साधा निशाना

सालाना 9 से घटाकर 4 किए गए सब्सिडी वाले सिलेंडर, बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच सरकार और विपक्ष आमने-सामने

 

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच भारत में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसी बीच केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की वार्षिक संख्या में कटौती का फैसला किया है, जिससे राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

 

उज्ज्वला लाभार्थियों को झटका

 

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या सालाना 9 से घटाकर 4 कर दी है। इस फैसले के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक और विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं।

 

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पिछले 12 वर्षों की आर्थिक नीतियों और कमजोर विदेश नीति के कारण गरीब परिवारों और महिलाओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के चलते लाखों परिवारों को फिर से पारंपरिक ईंधन और लकड़ी के धुएं पर निर्भर होना पड़ सकता है।

 

“पहले कीमतें बढ़ीं, अब सब्सिडी घटी”

 

राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले तीन महीनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 89 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है और अब सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या भी कम कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।

 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रवासी मजदूरों और छोटे परिवारों द्वारा उपयोग किए जाने वाले 5 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना और मुश्किल हो जाएगा।

 

‘गरीबों पर बोझ, उद्योगपतियों को राहत’

 

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां बड़े कॉरपोरेट समूहों को फायदा पहुंचाने वाली हैं, जबकि मजदूर, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग बढ़ती महंगाई का बोझ उठा रहे हैं।

 

सरकार का पक्ष

 

केंद्र सरकार ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या में बदलाव औसत घरेलू खपत के आधार पर किया गया है। सरकार के अनुसार, अधिकांश उज्ज्वला लाभार्थियों की वार्षिक एलपीजी खपत को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है और इसका उद्देश्य संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना है।

 

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बढ़ती ऊर्जा कीमतों के बीच आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों और महंगाई पर सरकार की नीतियों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

 

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