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नागरिकता नियमों में बड़ा बदलाव: नाबालिग नहीं रख सकेंगे डुअल पासपोर्ट, सरकार बोली—यह अधिकार नहीं, विशेषाधिकार

गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला, नाबालिग नहीं रख सकेंगे दो पासपोर्ट, नियम हुए सख्त

 

केंद्र सरकार ने नागरिकता से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए Citizenship Amendment Rules 2026 को अधिसूचित कर दिया है। Ministry of Home Affairs के इस फैसले से OCI आवेदन प्रक्रिया, पासपोर्ट नियम और नागरिकता से जुड़े कई अहम पहलुओं में बदलाव लागू हो गए हैं।

 

नए नियमों के तहत अब Overseas Citizen of India कार्ड के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही आवेदकों को अब फिजिकल कार्ड के साथ-साथ ई-OCI (डिजिटल फॉर्म) का विकल्प भी मिलेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी होने की उम्मीद है।

 

सरकार ने नाबालिगों के लिए भी अहम प्रावधान जोड़ा है। अब कोई भी नाबालिग एक साथ भारतीय और विदेशी पासपोर्ट नहीं रख सकेगा। इस नियम का उद्देश्य दोहरी नागरिकता से जुड़े मामलों में स्पष्टता लाना और दुरुपयोग को रोकना है।

 

नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि OCI स्टेटस एक विशेषाधिकार है, न कि अधिकार। यदि कोई OCI धारक भारतीय कानूनों का उल्लंघन करता है, तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। सरकार ने पहले ही सख्त प्रावधान लागू करते हुए कहा है कि यदि किसी OCI धारक को 2 साल या उससे अधिक की सजा होती है या 7 साल से ज्यादा सजा वाले अपराध में चार्जशीट होती है, तो उसका OCI दर्जा खत्म किया जा सकता है।

 

OCI कार्ड धारकों को भारत में आजीवन मल्टीपल एंट्री वीजा, आर्थिक और शैक्षणिक सुविधाएं मिलती हैं। हालांकि, उन्हें वोटिंग का अधिकार या किसी संवैधानिक पद पर नियुक्ति का अधिकार नहीं दिया जाता।

 

इन नए नियमों से प्रवासी भारतीयों के लिए आवेदन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और तेज होने की उम्मीद है। डिजिटल सिस्टम से समय की बचत होगी और दस्तावेजों की जांच भी तेजी से हो सकेगी।

 

गौरतलब है कि OCI योजना की शुरुआत 2005 में नागरिकता अधिनियम 1955 में संशोधन के बाद की गई थी, जिसके तहत भारतीय मूल के लोगों को विशेष दर्जा दिया जाता है।

 

कुल मिलाकर, ये बदलाव भारत की नागरिकता प्रणाली को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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